मौनी अमावस्या का पर्व आस्था, पवित्रता के साथ मनाया
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) उपखंड क्षेत्र में मौनी अमावस्या का पर्व बहुत आस्था और पवित्रता के साथ मनाया गया। माघ महीने की अमावस्या आज रविवार को श्रद्धालुओं ने मौन रहकर धार्मिक अनुष्ठान किया। सुबह सूर्योदय से पहले श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के पवित्र जलाशयों, तालाबों और घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान किया।
पर्व की सबसे बड़ी विशेषता 'मौन' रहना है। कुछ भक्तों द्वारा सुबह से लेकर पूजा-पाठ और दान करने तक मौन धारण किया । माना जाता है कि मौन रहकर जप-तप करने से साधक को विशेष पुण्य मिलता है ।और मुनि पद की प्राप्ति होती है। स्नान के बाद भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा की गई।
पीपल के पेड़ की पूजा करने और उस पर जल व तिल चढ़ाने की परंपरा है। पीपल के पेड़ की 108 बार परिक्रमा भी भक्तों द्वारा की गई। कस्बे सहित क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, कंबल, जूते-चप्पल और तिल के दानों का दान किया।
कुछ भक्तों द्वारा पवित्र नदी या झील पर जाना संभव न हुआ, तो उन्होंने घर में ही पानी में गंगाजल और तिल मिलाकर स्नान किया। और सूर्य देव को अर्घ्य दिया। उपखंड क्षेत्र में मौनी अमावस्या सादगी, मौन व्रत, पवित्र स्नान, पितृ तर्पण और दान-पुण्य के साथ मनाई है, जोकि आध्यात्मिक शांति और पुण्य प्राप्ति का अवसर माना गया है।