राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष ने केन्द्रीय बजट को लेकर की प्रेसवार्ता; किसानों की आय बढेगी, युवाओं को रोजगार और स्किल डेवलपमेंट, एमएसएमई सेक्टर मजबूत होगा
केन्द्रीय बजट विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने एवं राज्यों के विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया - राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि केंद्रीय बजट समाज के सभी वर्गों के लिए समावेशी बजट है। यह विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देता है और राज्यों के विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट और एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में बजट जो प्रावधान किए गए है, यह राजस्थान की जमीनी जरूरतों से मेल खाती है।
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में केन्द्रीय बजट से संबन्धित प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा यह बजट विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देता है और राज्यों के विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इसमें राजस्थान को केंद्र से मिलने वाले संसाधनों में वृद्धि हुई है। इससे राज्य सरकार को आधारभूत ढांचे, सामाजिक कल्याण योजनाओं और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर रेलवे, सड़क और कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस है। इसका सीधा लाभ राजस्थान जैसे बड़े और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य को मिलेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर बनेंगे।
उन्होंने बताया कि केन्द्रीय बजट में किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट और एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में अनेक प्रावधान किए गए है उनसे राजस्थान को सीधा लाभ मिलेगा। राजस्थान टेक्सटाइल, एमएसएमई, रिन्यूएबल एनर्जी और लॉजिस्टिक्स का बड़ा केंद्र बन रहा है। बजट में इन क्षेत्रों के लिए किए गए प्रावधान राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है की राज्यों को सशक्त बनाकर ही देश को सशक्त बनाया जा सकता है और यह दृष्टिकोण बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि यह बजट सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करता है। राज्यों को मिलने वाले संसाधनों में वृद्धि हुई है और केंद्र व राज्य के समन्वय से विकास कार्य आगे बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि यह बजट राजस्थान को विकास की नई दिशा देने वाला है। हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर राज्य के हर वर्ग तक इसका लाभ पहुँचाएँगे। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि केंद्र से मिलने वाले हर रुपये का उपयोग पारदर्शिता, ईमानदारी और जनहित में हो। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट ने वर्टिकल शेयर 41 प्रतिशत बनाए रखा और राज्यों को लगभग 1.4 लाख करोड़ अनुदान के रूप में आवंटित किए हैं. यह ग्रामीण एवं शहरी निकायों के विकास को सशक्त करेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय करों की हिस्सेदारी से राजस्थान को कुल 94000 करोड़ का संसाधन मिलेगा, जो पिछले साल से करीब 7,000 करोड़ अधिक है, इससे हम अपने विकास कार्यों को और मजबूती से आगे बढ़ाएँगे
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि देशभर में 15000 सेकेंडरी स्कूल और 500 कॉलेज खोले जाएंगे। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोले जाएंगे। ऐसे में राजस्थान के भी हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनेगा जिसका लाभ हमारे प्रदेश की बेटियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट अवसरों का बजट है, और राजस्थान इन अवसरों का पूरा लाभउठाएगा।
राजस्थान को मिली ये बड़ी सौगातें-
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि देश भर में 200 इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को फिर से मजबूत करने की सौगात भी राजस्थान की जनता के लिए एक वरदान है। लिक्विडिटी सपोर्ट, क्रेडिट गारंटी और ट्रांजेक्शन सेटलमेंट प्रोग्राम से जयपुर, अलवर, भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा जैसे शहरों में छोटे उद्योगों को बड़ा बूस्ट मिलेगा। चैलेन्ज मोड पर मेगा टैक्सटाइल पार्क स्थापित करने, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम से भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर जैसे केंद्रों को बड़ा फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर 2 और टियर 3 शहरों में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए इनविट बॉन्डस, रियल स्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) से मिलने वाले आर्थिक संबल से प्रदेश के जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर जैसे शहर बड़े पैमाने पर लाभान्वित होने जा रहे हैं। म्युनिसिपल बॉन्डस की जो पहल की गई है, वह हमारे प्रदेश के शहरी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि वी बी-जी राम जी योजना में नरेगा की तुलना में 86 हजार करोड़ से बढ़ाकर 95 हजार 692 करोड़ राशि का आवंटन किया गया है। राजस्थान को इससे अतिरिक्त राशि मिलेगी। बजट में कृषि उन्नति योजना के प्रावधान से राजस्थान का कृषि सेक्टर भी ओर सुदृढ़ होगा। उन्होंने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट पर पूंजीगत व्यय को 12 लाख 20 करोड़ तक बढ़ाया गया है। सास्की योजना में वर्ष 2026-27 में 41 हजार करोड़ बढ़ने से राजस्थान को लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलना संभावित है। शी मार्ट खुलने की बजट घोषणा से प्रदेश के गांवों की हमारी लखपति दीदियां अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ा कर बिजनेस वुमन बन सकेंगी।
उन्होंने बताया कि इस बजट में सोलर ग्लास मैन्युफेक्चरिंग में प्रयोग आने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। राजस्थान सौर ऊर्जा में अग्रणी प्रदेश है और इस घोषणा से जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर जैसे रेगिस्तानी इलाकों में सौर ऊर्जा से नई निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार बीईएसएस में उपयोग में आने वाले लीथियम आयन सेल बैटरी निर्माण में प्रयुक्त पूंजीगत सामानों के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। इससे प्रदेश के सोलर सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि बजट में महत्वपूर्ण खनिजों की प्रोसेसिंग के लिए जरूरी पूंजीगत सामान के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। इससे राजस्थान के खनन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। ये घोषणाएं हमारे राज्य को अग्रणी राजस्थान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।