गोविंदगढ़ में विराट हिन्दू सम्मेलन: एकता और सनातन संस्कृति पर जोर, संतों ने एकजुट होने का किया आह्वान
अलवर जिले के गोविंदगढ़ में सकल हिंदू समाज द्वारा एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। अवस्थी मैरिज गार्डन में हुए इस सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू जागरण को नई ऊर्जा और चेतना प्रदान करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और वक्ता महेंद्र सिंह मग्गो उपस्थित रहे। उनके साथ कई साधु-संतों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे आयोजन की गरिमा बढ़ी। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, श्रद्धालु और सनातन धर्म प्रेमी शामिल हुए।
मुख्य वक्ता महेंद्र सिंह मग्गो ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 साल पूरे होने के अवसर पर उसके ऐतिहासिक सफर, विचारों और समाज निर्माण में योगदान पर विस्तार से चर्चा की।
मग्गो ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज को एकजुट करना, सनातन संस्कृति का संरक्षण और प्रचार करना था। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और हिंदू समाज में एकता, संस्कृति तथा राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करते हैं।
सम्मेलन में उपस्थित संत, बाबा भरत दास और बालक दास ने अपने संबोधन में समस्त हिंदू समाज से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज के संगठित होने पर ही संतति और संपत्ति दोनों सुरक्षित रह सकेंगी।
प्रजापति ब्रह्मकुमारी दीदी मिथलेश कुमारी ने सनातन धर्म की रक्षा और सामाजिक संगठन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और आने वाली पीढ़ी में सनातन के प्रति आस्था जगाना समय की मांग है। उन्होने स्पष्ट किया कि इस हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य केवल भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि हिंदू समाज में संगठन और एकजुटता की भावना को मजबूत करना है।