मकराना में गहराया जल संकट: नहरबंदी के कारण केवल 40 प्रतिशत हो रही जलापूर्ति, 18 मई के बाद सुधरेगी स्थिति
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। मकराना शहर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। शहर की जीवन रेखा मानी जाने वाली इंदिरा गांधी नहर परियोजना में जारी नहरबंदी के कारण जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। वर्तमान में शहर को उसकी कुल दैनिक मांग के मुकाबले आधे से भी कम, यानी मात्र 40 प्रतिशत पानी ही मिल पा रहा है।
इस संबंध में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशाषी अभियंता धन्नाराम चौहान ने बताया कि मकराना शहर की जलापूर्ति पूरी तरह से इंदिरा गांधी नहर परियोजना से मिलने वाले मीठे पानी पर निर्भर है। मार्च माह के अंत से ही मुख्य नहर में बंदी क्लोजर चल रही है, जिसके कारण भंडारण और वितरण का संतुलन बिगड़ गया है। इसी का परिणाम है कि शहरवासियों को निर्धारित समय और मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है।
नहरी विभाग से मिले संकेतों के अनुसार, 18 मई तक बीकानेर स्थित नौखा दैया हेड वर्क्स पर नहर का पानी पहुँचने की पूरी संभावना है। यहाँ से पानी पाइपलाइनों के जरिए मकराना तक पहुँचने में कुछ दिनों का समय लगेगा। विभाग का आकलन है कि मई माह के अंत तक जलापूर्ति के दिनों के बीच का अंतराल कम हो जाएगा और शहर में पानी की सप्लाई फिर से सुचारू रूप से पटरी पर लौट आएगी।
अधिशाषी अभियंता ने बताया कि विभाग सीमित संसाधनों के बावजूद युद्धस्तर पर जलापूर्ति में सुधार करने के प्रयास में जुटा है। उन्होंने जनता से इस संकट की घड़ी में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए आमजन पानी का प्रयोग अत्यंत सावधानी और किफायत से करें। पानी की बर्बादी को रोकें और भंडारण का उचित प्रबंधन करें। जल संरक्षण ही इस संकट का एकमात्र समाधान है, क्योंकि जल है तो कल है।


