कामाख्या माता के दरबार में अर्पित किया श्रीराम महायज्ञ का निमंत्रण, असम व मेघालय में गूंजी यज्ञ की धूम
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव)। उपखंड क्षेत्र के झड़ाया स्थित बजरंग धाम आश्रम पर आगामी 17 जून से 25 जून तक आयोजित होने वाले भव्य 108 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ की गूंज अब पूर्वोत्तर भारत के राज्यों तक पहुँच गई है। यज्ञ सेवा समिति के अध्यक्ष मदनलाल भावरिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल इन दिनों असम और मेघालय के दौरे पर है, जहाँ प्रवासी राजस्थानियों और स्थानीय लोगों को यज्ञ का निमंत्रण दिया जा रहा है।
यज्ञ सेवा समिति के अध्यक्ष मदनलाल भावरिया ने असम से दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा की शुरुआत में प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या माता के दरबार में यज्ञ का प्रथम निमंत्रण पत्र अर्पित किया गया। इस दौरान देश और प्रदेश की खुशहाली व महायज्ञ के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की गई।
प्रतिनिधि मंडल ने मेघालय की राजधानी शिलांग और असम के विभिन्न क्षेत्रों में निवासरत प्रवासी राजस्थानियों से मुलाकात की। जगह-जगह यज्ञ के पोस्टर का विमोचन किया गया और लोगों को इस आध्यात्मिक आयोजन में आहुति देने के लिए आमंत्रित किया गया। समिति के संरक्षक डॉ. रामकुमार सिराधना ने बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस बार झड़ाया पहुँचेंगे। उन्होंने विशेष रूप से रलावता निवासी बनवारी लाल सेवदा का उल्लेख किया, जो सपरिवार असम से आकर यज्ञ में सम्मिलित होंगे।
राजस्थान से असम व मेघालय के दौरे पर गए दल में अध्यक्ष मदनलाल भावरिया और संरक्षक डॉ. रामकुमार सिराधना के साथ मोहन सिंह निर्वाण, महिपाल सिंह गाडराटा और खोहर बहरोड के पूर्व सरपंच पूरन सिंह सहित कई गणमान्य लोग शामिल हैं।
झड़ाया बजरंग धाम पर होने वाले इस 108 कुंडीय महायज्ञ को लेकर क्षेत्र में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, वहीं बाहरी राज्यों में रह रहे प्रवासियों के उत्साह ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप दे दिया है।


