रेलवे ट्रैक पर आवारा पशुओं का डेरा, बड़ा हादसा टला; यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे, सोमवार सुबह पटरियों पर घूमते नजर आए सांड
मकराना (मोहम्मद शहजाद) मकराना रेलवे स्टेशन और इसके आसपास के ट्रैक इन दिनों आवारा पशुओं की सुरक्षित शरणस्थली बन गए हैं। सोमवार सुबह स्टेशन परिसर और मुख्य पटरियों पर आवारा सांडों के जमावड़े के कारण प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। गनीमत रही कि उस समय कोई तेज रफ्तार ट्रेन वहां से नहीं गुजरी, वरना एक भीषण रेल हादसा घटित हो सकता था।
- यात्रियों ने सूझबूझ से टाला संकट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार सुबह जब यात्री ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक एक सांड मुख्य पटरियों पर आ गया। यात्रियों ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद सांड को ट्रैक से दूर भगाया, तब जाकर अन्य यात्रियों ने राहत की सांस ली। यात्रियों का कहना है कि सांडों और अन्य पशुओं का स्टेशन के मुख्य द्वार और पटरियों के बीच घूमना अब आम बात हो गई है।
- सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन पर सवाल
स्थानीय नागरिकों और नियमित यात्रियों ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद पशु आसानी से अंदर प्रवेश कर रहे हैं। रेलवे ट्रैक के किनारे बाउंड्री वॉल का न होना या दीवारों का टूटा होना इस समस्या की मुख्य वजह है।
- बड़ा सवाल: आखिर हादसे का इंतजार क्यों?
नियमित रेल यात्रियों का कहना है कि: "रेलवे पटरियों पर सांडों का घूमना यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ है। यदि कोई हाई-स्पीड एक्सप्रेस ट्रेन के सामने पशु आ जाए, तो ट्रेन बेपटरी हो सकती है। प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए।"
यात्रियों ने मांग की है कि स्टेशन की घेराबंदी को दुरुस्त किया जाए और पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।


