आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़, खैरथल से जोधपुर तक फैला सिंथेटिक कलाकंद का जाल
अलवर (अनिल गुप्ता) अलवर जिले के खैरथल क्षेत्र में इन दिनों मिलावटखोरों का गिरोह सक्रिय है, जो मात्र 150 रुपये प्रति किलो की लागत वाला जहरीला सिंथेटिक कलाकंद और पनीर तैयार कर जोधपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई कर रहा है। यह गिरोह न केवल सरकारी राजस्व को चपत लगा रहा है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ कर रहा है।
- ट्रेनों के जरिए तस्करी का 'नेटवर्क'
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिलावटखोरों के इस गिरोह में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं, जो खैरथल से भारी मात्रा में सिंथेटिक कलाकंद खरीदते हैं। इस मिलावटी खेप को 50 से 100 किलो की प्लास्टिक पैकिंग में भरकर, बड़े कट्टों में छिपाकर शालीमार एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के स्लीपर कोचों में सीटों के नीचे रखकर जोधपुर भेजा जा रहा है।
- अधिकारियों का 'पल्ला झाड़ने' वाला रवैया
इस गंभीर मामले में जब अलवर जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) केशव गोयल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उनका तर्क है कि चलती रेलगाड़ी में चेकिंग और जब्ती का अधिकार उनके पास नहीं है और यह कार्य रेलवे प्रशासन का है। अधिकारियों के बीच इस तालमेल की कमी का फायदा तस्कर धड़ल्ले से उठा रहे हैं।
- गंभीर स्वास्थ्य खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, सिंथेटिक पनीर और कलाकंद में हानिकारक रसायनों का उपयोग किया जाता है, जो लीवर, किडनी और पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। प्रशासन की इस चुप्पी और ढिलाई के कारण मिलावटखोर चांदी काट रहे हैं, जबकि आम जनता बीमारियों की चपेट में आ रही है।
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सस्ती कीमत: मात्र 150 रुपये या उससे कम में मिल रहा है मिलावटी माल।
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तस्करी का जरिया: शालीमार एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें।
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प्रशासनिक विफलता: रेलवे और खाद्य विभाग के बीच अधिकार क्षेत्र का पेंच।


