गहलोत बोले- नीट पेपरलीक मामले में SOG की नीयत खराब:FIR करने से किसने रोका ?, पहले ही तय हो चुका था मामले को नहीं करना है आउट

May 12, 2026 - 17:46
May 12, 2026 - 18:05
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गहलोत बोले- नीट पेपरलीक मामले में SOG की नीयत खराब:FIR करने से किसने रोका ?, पहले ही तय हो चुका था मामले को नहीं करना है आउट

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नीट (NEET) परीक्षा रद्द होने के बाद राज्य सरकार और राजस्थान एसओजी (SOG) को कटघरे में खड़ा किया है। गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी बदनामी के डर से पेपर लीक की सच्चाई को दबाने की कोशिश की और एसओजी ने जानबूझकर एफआईआर दर्ज नहीं की, जिससे देशभर में राजस्थान की साख को बट्टा लगा है।एनटीए ने छात्रों की शिकायतों के बाद बिना एफआईआर दर्ज हुए पेपर रद्द कर दिया। एसओजी ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की, एसओजी की यह निगेटिव अप्रोच है। पूरे देश में राजस्थान एसओजी की बदनामी हो रही है कि मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया,क्यों नहीं रिपोर्ट भेजी। 

गहलोत ने कहा- यह मैं दावे से कह सकता हूं एसओजी ने यह फैसला कर लिया था कि मामले को आउट नहीं करना है, जहां तक मुझे सूचना मिल रही है उसमें यही फैसला था। एसओजी ने जानबूझकर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की? आप बिना मुकदमा दर्ज किया इंवेस्टिगेशन कैसे कर सकते हो। उनकी नियत में खराबी है इसलिए जानबूझकर एफआईआर नहीं की। इतने दिन हो गए, अब एनटीए ने पेपर रद्द कर दिया, अब तो इनकी आंखें खुलनी चाहिए। पूरे प्रदेश की बदनामी हुई है। जहां-जगह कोचिंग इंस्टिट्यूट खड़े होते हैं वहां के नाम तो हमेशा आते हैं। बाकी तो सच्चाई सामने आएगी तब बता सकते हैं कौन दोषी है। एसओजी को किसने आदेश दिए कि एफआईआर दर्ज मत करो गहलोत ने कहा- राज्य सरकार को तो पहले ही सूचना मिल गई थी एसओजी ने अरेस्ट करना शुरू कर दिया था। कहते हैं पेपर यहीं छपा है। राजस्थान सरकार को तो आगे बढ़कर कार्रवाई कनी थी, यह उनकी ड्यूटी थी, वो पहल करते, भारत सरकार को सूचित करते और उसके बाद में कोई फैसला होता तो ज्यादा ग्रेसफुल होता। इन्होंने छुपाया क्यों ? एसओजी को किसने आदेश दिए कि एफआईआर दर्ज मत करो। यह मालूम पड़ना चाहिए कि क्यों सरेंडर किया गया। परीक्षा के अगले ही दिन ​शिकायत कर दी थी लेकिन परवाह नहीं की गहलोत ने कहा- नीट परीक्षा 3 मई को हुई थी, छात्रों ने अगले ही दिन पेपरलीक की शिकायतें कर दीं लेकिन पुलिस ने परवाह नहीं की। छात्रों ने एनटीए को लिखा और एनटीए ने डीजीपी को सूचना दी कि उनके पास शिकायतें आई हैं, तब एसओजी को मामला दिया, 20-30 लोगों को अरेस्ट कर लिया लेकिन क्या कारण था कि एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। सरकार ने बदनामी के डर से आगे कार्रवाई नहीं करने दी 

गहलोत ने कहा- राजस्थान सरकार ने शायद बदनामी के डर से मामले में आगे कार्रवाई नहीं करने दी। एसओजी जैसी संस्था में असमंजस पैदा हो गया कि कार्रवाई आगे बढ़ानी है या नहीं। 2024 से नीट पेपरलीक हो रहा है। पेपर लीक के राज्यों में जो गैंग बन गए हैं इससे हमारे युवा पीढ़ी बहुत दुखी है। राजस्थान में पेपर आउट हो गया। यह बहुत बड़ी चुनौती के रूप में हमारे सामने है। राष्ट्रीय स्तर पर संगठित गैंग बन गई हैं इन्हें खत्म करने के लिए कदम उठाने चाहिए। चुनाव जीतने के अलावा पपेरलीक पर भी ध्यान लगाए मोदी सरकार गहलोत ने कहा- मोदी सरकार का केवल चुनाव जीतने पर ही ध्यान है, पेपरलीक की घटनाओं को रोकने के लिए भी उन्हें ध्यान देना चाहिए, केंद्रीय एचआरडी मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चाहिए कि वह इस पर ध्यान दें कि पेपर आउट क्यों हो रहे हैं? 

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