ठेका प्रथा खत्म कर संविदा भर्ती में प्राथमिकता देने की गई मांग; उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
रूपवास ( लेखेन्द्र सिंह बंशीवाल): नगरपालिका क्षेत्र में ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने अपने भविष्य को सुरक्षित करने और शोषण के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को पार्षद मिथुन बाल्मीकि के नेतृत्व में दर्जनों सफाई कर्मियों ने कस्बे में रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन उपखंड अधिकारी विष्णु बंसल को सौंपा।
प्रमुख मांगें :
संविदा भर्ती में प्राथमिकता और ठेका प्रथा का अंत ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने सरकार के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- वरीयता का आधार : आगामी संविदा भर्ती में उन सफाई कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए जो वर्तमान में ठेकेदारी प्रथा के तहत सड़कों पर पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं।
- कोरोना वॉरियर्स का सम्मान : कर्मचारियों ने याद दिलाया कि उन्होंने कोरोना जैसी घातक महामारी के समय अपनी जान जोखिम में डालकर शहर की सेवा की थी, अतः भर्ती में इस सेवा का लाभ उन्हें मिलना चाहिए।
- शोषण से मुक्ति: सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि ठेका पद्धति में उनका लगातार आर्थिक और मानसिक शोषण हो रहा है। समय पर वेतन न मिलना एक बड़ी समस्या बन गई है।
- नई नगरपालिकाओं में पद : नवगठित नगरपालिकाओं में भी संविदा पद स्वीकृत करने की मांग की गई है ताकि बाल्मीकि समाज के युवाओं को रोजगार के उचित अवसर मिल सकें।
रैली के दौरान 'नगरपालिका प्रशासन होश में आओ' जैसे नारों के साथ कर्मचारी उपखंड कार्यालय पहुंचे।
इस अवसर पर पार्षद मिथुन बाल्मीकि ने कहा कि सफाई कर्मी शहर की रीढ़ हैं, लेकिन ठेका पद्धति के कारण उनका भविष्य अंधकार में है। रैली और ज्ञापन के दौरान आरती, राजू, पूनम, नरेश, रजनी, विशाल, भारती, डालचंद, माइकल, भोले राम, धर्मेंद्र, विनोद, गौरव, गब्बर, आकाश, विमला, रेखा, गीता, बबीता सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।

