वंदे भारत की चपेट में आए छात्र की मौत पर बवाल, मेडिकल कॉलेज में तोड़फोड़ और पुलिस से भिड़ंत
शाहजहांपुर (शशि जायसवाल) उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में रविवार को एक दर्दनाक हादसे के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में भारी हंगामा हुआ। वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से घायल हुए 12वीं के छात्र को मृत घोषित किए जाने और इलाज न मिलने के आरोप में परिजनों ने जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस और परिजनों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
हादसे से शुरू हुआ घटनाक्रम
थाना निगोही क्षेत्र के ढकिया तिवारी गांव निवासी अंकित सिंह (16), जो एसपी कॉलेज में 12वीं का छात्र था, रविवार को इंदिरानगर कॉलोनी के पास वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आ गया। आरपीएफ की सूचना पर पहुंची सदर बाजार पुलिस ने घायल छात्र को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
परिजनों का आरोप: 'चल रही थी सांसें, सीधा मोर्चरी भेजा'
परिजनों का गुस्सा डॉक्टरों की कथित लापरवाही को लेकर फूटा। परिजनों का आरोप है कि जब अंकित को अस्पताल लाया गया, तब उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बिना ठीक से जांचे मृत घोषित कर दिया और 'अज्ञात' के रूप में शव को मोर्चरी में रखवा दिया।
जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो वे अंकित को दोबारा इलाज के लिए मोर्चरी से निकालकर ट्रॉमा सेंटर ले गए। परिजनों का दावा है कि वहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू करने के बजाय उनके साथ अभद्रता की, जिससे मामला बिगड़ गया।
ट्रॉमा सेंटर में तोड़फोड़ और पुलिस की कार्रवाई
डॉक्टरों के व्यवहार से आक्रोशित परिजनों ने ट्रॉमा सेंटर में हंगामा करते हुए टेबलें फेंक दीं और तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थिति संभालने के बजाय मामला और गरमा गया। आरोप है कि पुलिस ने अंकित के पिता और चचेरे भाई की पिटाई कर दी।
पुलिस पर आरोप: परिजनों का कहना है कि पुलिस छात्र के पिता को टांगकर चौकी ले गई और उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया।
तनाव की स्थिति: परिजनों द्वारा चौकी पर हंगामा किए जाने के बाद पिता को छोड़ा गया, लेकिन मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
प्रशासन का पक्ष
फिलहाल पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर जांच की बात कही जा रही है। परिजनों की मांग है कि दोषी डॉक्टरों और मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।