गीता कॉलोनी में बीस साल बाद भी नहीं सुधरे हालात, न सड़क न पानी निकासी की व्यवस्था
खैरथल में नगर परिषद बने ढाई साल बीता, लेकिन कॉलोनियों में आज भी कीचड़ और कचरा फैल रहा
खैरथल (हीरालाल भूरानी) खैरथल को नगर परिषद बने ढाई साल से ज्यादा वक्त गुजर चुका है, लेकिन जमीनी सच्चाई विकास के दावों की पोल खोल रही है। अधिकांश कॉलोनियों की हालत आज भी बद से बदतर है। न पानी निकासी की समुचित व्यवस्था, न सड़कों की मरम्मत, टूटी सड़कें और जगह-जगह भरा गंदा पानी लोगों के लिए रोज की मुसीबत बन चुका है। सफाई व्यवस्था का हाल भी किसी से छिपा नहीं। सफाईकर्मी केवल औपचारिकता निभा रहे हैं।
कॉलोनियों से कूड़ा उठाने के बजाय खाली प्लॉटों और सड़कों के किनारे फेंक दिया जाता है। जिसके चलते गंदगी के ढेर, उड़ती बदबू और फैलती बीमारियों का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोग नगर परिषद में कई बार शिकायत कर थक चुके हैं, लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। सबसे भयावह स्थिति गीता कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर बने नाले की है। नाले से उठती तीखी दुर्गंध के कारण वहां से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि नाले में मृत जानवर, मेडिकल वेस्ट और मीट की दुकानों से निकली हड्डियां व मांस के टुकड़े तक फेंके जा रहे हैं। सुबह-शाम आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे राहगीरों में डर का माहौल है। कुल मिलाकर, नगर परिषद का तमगा सिर्फ कागजों तक सिमटा दिख रहा है। जमीनी स्तर पर हालात जस के तस हैं और कॉलोनियों के बाशिंदे आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे है।
मीट की दुकान वाले हड्डियों को यहां पटक जाते हैं
राधेश्याम निवासी गीता कॉलोनी ने बताया कि गीता कॉलोनी के मुख्य रास्ते पर बने गंदे नाले में रात के अंधेरे में लोग मृत जानवर व मीट की दुकान वाले हड्डियों को थैलों में भर यहां पटक जाते हैं। वहीं कई सालों से नालों की सफाई नहीं हुई नाले की दुर्गंध के चलते इस रास्ते के पास से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। बरसात में घर से निकलना मुश्किल हो जाता है प्रीतम दास निवासी गीता कॉलोनी का कहना है कि सफाईकर्मी आते हैं, लेकिन कूड़ा उठाने के बजाय पास के खाली प्लॉट में डाल जाते हैं। वही सड़क किनारे गंदे नाले में मेडिकल वेस्ट व अन्य कचरा डाल रहे। सालों बीत चुके नालों की सफाई नहीं हो रही। राजबाला निवासी गीता कॉलोनी का कहना है कि नाले की बदबू से सांस लेना मुश्किल है, बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। घर के आगे नालियां नहीं बनी होने से कीचड़ बना हुआ है नगर परिषद शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दे रही है।
इस संबंध में नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा ने बताया कि सफाई व्यवस्था हमारी पहली प्राथमिकता है। अगर किसी वार्ड में सफाई नहीं हो रही तो जांच करवाता हूं। प्रत्येक वार्ड की नियमित मॉनिटरिंग के साथ सफाई कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है। कचरा उठान, नालियों की सफाई और डोर-टू-डोर कलेक्शन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन से भी अपील है कि शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।