महाशिवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब श्रद्धालुओं ने की पूजा- अर्चना
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) भक्ति एवं आस्था के महा पर्व शिवरात्रि के पावन अवसर पर शहर सहित उपखंड क्षेत्र में भगवान शिव के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अल सुबह से ही मंदिरों में लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्त बम-बम भोले के जयकारों के साथ मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे थे। भगवान शिव को अनेक परिवारों द्वारा गाजे बाजे के साथ जेयगढ़ (कलश) भी चढ़ाई गई। शिव मंदिरों में दूर-दराज से श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे। मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
पंडित लोकेश शर्मा ने बताया कि महा शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था। इस दिन व्रत रखने का विशेष महत्व है। कई श्रद्धालु फलाहार व्रत रखते हैं, जबकि कुछ निराहार रहकर पूजा करते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो भक्त 16 सोमवार का व्रत रखते हैं, लेकिन शिवरात्रि का व्रत भी उतना ही फलदायी माना जाता है। मंदिर में श्रद्धालु दूध, जल, कच्ची लस्सी, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर रहे हैं। पंडित जी ने बताया कि सच्ची श्रद्धा से किया गया जलाभिषेक भी भगवान को प्रसन्न कर देता है। कुंवारी कन्याएं माता गौरा का व्रत रखकर योग्य वर की कामना करती हैं। रात में विशेष रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन भी शहर में किया जाएगा।