कुल मतदाता 8 लाख 16 हजार 220, जिनमें पुरुष 4 लाख 38 हजार 50, महिला 3 लाख 78 हजार 169 एवं ट्रासंजेण्डर 01
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राज्य निर्वाचन आयोग जयपुर के निर्देशों की पालना में पंचायती राज संस्थाओं के आगामी आम चुनाव 2026 की निर्वाचक नामावलियों का अन्तिम प्रकाशन बुधवार, 25 फरवरी को किया गया। भरतपुर जिले में कुल मतदाता 8 लाख 16 हजार 220 हैं जिनमें पुरुष मतदाता 4 लाख 38 हजार 50, महिला मतदाता 3 लाख 78 हजार 169 एवं 01 ट्रासंजेण्डर हैं। अन्तिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूचियों में किन्हीं पात्र व्यक्तियों के नाम रह गये हों या गलत शामिल हो गये हों या कोई अशुद्धि रह गई हो तो विहित प्रारूप एक, दो या तीन में आवेदन या आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी कमर चौधरी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग जयपुर के निर्देशों की पालना में पंचायती राज संस्थाओं के आगामी आम चुनाव 2026 की निर्वाचक नामावलियों की तैयारी हेतु जिले की 07 पंचायत समितियों में कुल 252 ग्राम पंचायतों की निर्वाचक नामावलियों का 29 जनवरी 2026 को प्रारूप प्रकाशन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारियों द्वारा किया गया था।
उन्होंने बताया कि प्रारूप प्रकाशन के समय जिले में कुल मतदाता 8 लाख 8 हजार 483 थे जिनमें पुरुष मतदाता 4 लाख 32 हजार 191 एवं महिला मतदाता 3 लाख 76 हजार 291 तथा 01 ट्रांसजेण्डर थे। उन्होंने बताया कि प्रारूप प्रकाशन के पश्चात् दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने की अन्तिम तिथि 7 फरवरी 2026 तक निर्धारित थी तथा इनका निस्तारण निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारियों द्वारा 14 फरवरी 2026 को किया गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं की मतदाता सूचियों का अन्तिम प्रकाशन 25 फरवरी को किया गया जिसमें कुल मतदाता 8 लाख 16 हजार 220 हैं, जिनमें पुरुष मतदाता 4 लाख 38 हजार 50, महिला मतदाता 3 लाख 78 हजार 169 एवं 01 ट्रासंजेण्डर हैं। उन्होंने बताया कि अन्तिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूचियों में किन्हीं पात्र व्यक्तियों के नाम रह गये हों या गलत शामिल हो गये हों या कोई अशुद्धि रह गई हो तो विहित प्रारूप एक, दो या तीन में आवेदन, आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं। अंतिम प्रकाशित मतदाता सूचियों के निरन्तर अद्यतन हेतु नियम 20 में पर्याप्त प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नियम 20 के अनुसार निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्वविवेक से या प्रार्थना पत्र के आधार पर नाम जोड़ने, हटाने, अंतरण करने की कार्यवाही एक विहित प्रकिया के अधीन की जा सकती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नियम 20 के अन्तर्गत निरन्तर अद्यतन प्रकिया में नाम जोड़ने, हटाने, अंतरण करने या शुद्ध करने की कार्यवाही पंचायत चुनावों के लिए नियम 23 या 58 के अंतर्गत अधिसूचना जारी होने की तिथि तक की जा सकती है। उन्होंने बताया कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने की तिथि से मतदान समाप्ति तक मतदाता सूची में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जावेगा। इस प्रकार जोडे गये, हटाये गये, या शुद्ध किये गये नामों की सूची पूरक-2 के नाम से बनायी जावेगी।