भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) अनाज मंडी रोड स्थित होटल ईगल नेस्ट में जिला स्तरीय बाल संरक्षण इकाई द्वारा कन्वर्जेंस मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य जिले में संचालित बाल संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ करना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। इस अवसर पर लगभग 20 विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों तथा मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रयत्न संस्था एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायत, ब्लॉक एवं जिला स्तर पर बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने तथा समन्वित कार्य प्रणाली विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष राजाराम भूतौली ने कहा कि प्रत्येक बच्चे के अधिकारों की सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बाल संरक्षण को संवेदनशील विषय बताते हुए कहा कि जब तक चाइल्ड फोरम, जिला बाल संरक्षण समिति एवं संबंधित विभाग सक्रिय रहकर आपसी समन्वय से कार्य नहीं करेंगे, तब तक बच्चों को अपेक्षित सुरक्षा नहीं मिल सकेगी। उन्होंने विद्यालय स्तर पर गठित मंचों, ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक स्तर की बाल संरक्षण समितियों को नियमित एवं सक्रिय रखने पर विशेष जोर दिया, ताकि बच्चों से जुड़े मुद्दों पर निरंतर चर्चा एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
परियोजना प्रबंधक राधा हेमलता ने कवच परियोजना की विस्तृत जानकारी पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह परियोजना जिले की 405 ग्राम पंचायतों में बाल संरक्षण से संबंधित गतिविधियां संचालित कर रही है। ग्राम स्तर पर गठित बाल संरक्षण समितियों के माध्यम से जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा आधार से लिंक करने का कार्य किया जा रहा है।
सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई अमित अवस्थी ने प्रयत्न संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि कवच परियोजना के माध्यम से ग्राम स्तर पर चिन्हित जोखिम ग्रस्त बच्चों के मामलों को ग्राम समिति एवं जिला स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने रिपोर्टिंग प्रक्रिया को और बेहतर बनाने तथा संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने पर बल दिया।
बैठक के उपरांत संस्था द्वारा तैयार पंचायत डायरी का विमोचन सहायक निदेशक अमित अवस्थी, उपनिदेशक राजेश कुमार, चाइल्ड हेल्पलाइन प्रतिनिधि, श्रम विभाग, मानव संसाधन उन्मूलन विभाग एवं दिशा फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।