भरतपुर,(कौशलेन्द्र दत्तात्रेय)सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जारी अनुसूचित जाति, जनजाति के सदस्यों के विरुद्ध अत्याचार की घटनाओं के प्रभावी निराकरण के लिए स्थापित राष्ट्रीय हेल्पलाइन अगेंस्ट एट्रोसिटीज (एनएचएए) पोर्टल एवं टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-202-1989 तथा शॉर्ट कोड 14566 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं।
जिला कलक्टर कमर चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आमजन तक इस महत्वपूर्ण सुविधा की जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिल सके। उन्होंने बताया कि नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन में एनएचएए पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस पोर्टल के माध्यम से अत्याचार से संबंधित शिकायतें ऑनलाइन दर्ज की जा सकती हैं तथा उनके निस्तारण की सतत मॉनिटरिंग की जाती है।
उन्होंने बताया कि एनएचएए पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की संख्या अपेक्षाकृत कम होना इस बात का संकेत है कि आमजन में इसकी पर्याप्त जानकारी नहीं है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को उनके अधिकारों के संरक्षण के साथ न्याय सुलभ एवं समयबद्ध रूप से प्राप्त हो तथा अत्याचार की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। उन्होंने पुलिस विभाग एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएं। इसके तहत जनसुनवाई, ग्राम सभाएं, शिविर, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कार्यक्रम, पोस्टर-बैनर तथा अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल की जानकारी प्रसारित की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों का शीघ्र, निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। संबंधित अधिकारी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करते हुए पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराएं