भीलवाड़ा के नए पुलिस कप्तान बने आईपीएस सागर राणा, निवर्तमान एसपी धर्मेंद्र यादव ने सौंपा चार्ज; मिला गार्ड ऑफ ओनर
भीलवाड़ा /सत्यनारायण सेन
भीलवाड़ा। राजस्थान सरकार द्वारा पुलिस महकमे में किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद, नवनियुक्त जिला पुलिस अधीक्षक (SP) सागर राणा ने भीलवाड़ा पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान निवर्तमान एसपी धर्मेंद्र सिंह (यादव) ने सागर राणा को भीलवाड़ा पुलिस की कमान सौंपी। बता दें कि निवर्तमान एसपी धर्मेंद्र सिंह का तबादला अब चित्तौड़गढ़ जिले में किया गया है।इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव की
मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं:???? पुलिस लाइन में भव्य स्वागत और 'गार्ड ऑफ ओनर'
नवनियुक्त पुलिस कप्तान सागर राणा के भीलवाड़ा आगमन पर पुलिस महकमे द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
पारंपरिक सम्मान: पुलिस लाइन पहुंचने पर सज-धज कर तैयार जवानों की टुकड़ी ने नए एसपी को 'गार्ड ऑफ ओनर' देकर सलामी दी।
अधिकारियों की अगवानी: इसके बाद एसपी कार्यालय में जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों, वृत्ताधिकारियों (DSP) और थानाधिकारियों ने नए कप्तान को गुलदस्ता भेंट कर उनकी अगवानी की।
चार्ज का हस्तांतरण: विदाई ले रहे एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने सागर राणा को भीलवाड़ा जिले का आधिकारिक चार्ज सौंपा और उन्हें नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
कौन हैं नए एसपी सागर राणा? जानिए उनका प्रोफाइलबैच और योग्यता: सागर राणा वर्ष 2019 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग (B.Tech) की पढ़ाई की है। मूल निवास: वे मूल रूप से हरियाणा राज्य के रहने वाले हैं।
शानदार अनुभव: भीलवाड़ा से पहले वे दौसा, सांचौर और फलोदी जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में अपनी बेहतरीन सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वे जयपुर कमिश्नरेट में डीसीपी ट्रैफिक के पद पर भी रह चुके हैं।
आईपीएस दंपत्ति: सागर राणा की पत्नी रंजिता शर्मा भी राजस्थान कैडर की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी हैं। नए कप्तान के सामने भीलवाड़ा की मुख्य चुनौतियां और प्राथमिकताएं
औद्योगिक नगरी भीलवाड़ा में पदभार संभालते ही नए एसपी सागर राणा के सामने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने की कई बड़ी चुनौतियां होंगी:बजरी माफिया पर नकेल: जिले में अवैध बजरी खनन और परिवहन करने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
अपराध पर नियंत्रण: औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में चोरी, लूट और संगठित अपराध के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना।
आमजन में विश्वास: 'अपराधियों में डर, आमजन में विश्वास' के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए पुलिस और जनता के बीच के संवाद को और मजबूत करना।


