'आत्मरक्षा ही सुरक्षा है': मुंडावर महाविद्यालय में बालिकाओं ने सीखे सेल्फ डिफेंस के गुर
खैरथल (हीरालाल भूरानी): राजकीय महाविद्यालय मुंडावर में छात्राओं के सशक्तिकरण हेतु आयोजित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के दौरान आज विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियाँ संपन्न हुईं। शिविर में छात्राओं को न केवल शारीरिक कौशल सिखाए गए, बल्कि मानसिक सतर्कता के प्रति भी जागरूक किया गया।
- सावधानी और जागरूकता पर जोर:
प्रशिक्षण केंद्र प्रभारी प्रो. नूरजमां खां ने छात्राओं को संबोधित करते हुए दैनिक जीवन में आत्मरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को विशेष रूप से सचेत किया कि अनजान स्थानों और अपरिचित व्यक्तियों के संपर्क में आते समय किन सावधानियों को बरतना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि "सतर्कता ही बचाव की पहली सीढ़ी है।"
- स्वास्थ्य और कौशल का संगम:
महाविद्यालय के प्राचार्य योगेश कुमार शर्मा ने बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आत्मरक्षा के कौशल सीखने के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का बेहतर होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली और आत्मविश्वास के अंतर्संबंधों पर अपने विचार साझा किए।
शिविर के व्यावहारिक सत्र में प्रशिक्षक बालिका मंजीता एवं नीशू ने छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों और 'सेल्फ डिफेंस मूव्स' का गहन अभ्यास कराया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक इन कौशलों को सीखा। इस अवसर पर प्रो. पवन कुमार यादव, श्रीमती सीमा, राहुल सहित महाविद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।


