भीलवाड़ा में पहले नहीं देखा भक्तों का ऐसा सैलाब, शिव कथा ने रच दिया भक्ति का नया इतिहास
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) धर्मनगरी भीलवाड़ा में मंगलवार को प्रख्यात कथावाचक ‘कुबेर भण्डारी’ पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारबिंद से हो रही श्री शिव महापुराण कथा के विराम दिवस पर श्रद्धा एवं आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हर जुबां पर यहीं बात थी कि ऐसा नजारा यहां पहले कभी नहीं देखा ओर शायद भविष्य में भी दोहराना मुश्किल होगा। संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरीजी महाराज के भागीरथी प्रयासों एवं एवं श्री शिव महापुराण कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष विधायक अशोक कोठारी के नेतृत्व में हजारों सेवादारों की समर्पित सेवा से आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउण्ड में आयोजित इस कथा के समापन पर शिव भक्तों का महासागर उमड़ आया तो लाखों फीट क्षमता का विशाल पांडाल छोटा नजर आया ओर कथा सुनने को आतुर भक्त धूप ओर पसीने की परवाह किए बिना पांडाल के मार्गो पर खुले आसमां तले भी जहां जगह मिली जम गए। श्री शिव महापुराण कथा के माध्यम से भीलवाड़ावासियों ने भक्ति का नया इतिहास रच दिया ओर अंतिम दिन कथा का समय भले सुबह 8 से 11 बजे का हो गया पर भक्तों का अपार सैलाब रात से ही उमड़ने लगा तो सुबह 8 बजे भी पांडाल में पैर रखना मुश्किल हो गया।
कथा में विराम दिवस पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिव महापुराण कथा जीवन की व्यथा मिटाने के लिए है। इस कथा के आयोजक संकटमोचन हनुमानजी महाराज एवं महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज के अथक प्रयासों से ही भीलवाड़ा में ये आयोजन संभव हो पाया। बाबू गिरी महाराज जैसा सच्चा संत मिलता है तो अपने नगर में ही कुंभ बना देता है। उनके अथक प्रयास, सहजता व सरलता ही ये कथा भीलवाड़ा में लेकर आई। ये भीलवाड़ा के इतिहास का पहला कुंभ है जिसमें रात रात भर हजारों लोग शिव भक्ति में लगे रहे। कथा में इतने शिव भक्त आए कि पांडाल लगाने वाले भी थक गए ओर भीलवाड़ा ने भक्ति का नया इतिहास रच दिया। इस कथा में आने वाला कोई श्रद्धालु खाली हाथ नहीं जाएगा देवाधिदेव महादेव की कृपा उसके साथ रहेगी। विधायक अशोक कोठारी के नेतृत्व में आयोजन समिति ने श्रेष्ठ सेवाएं देकर व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं आने दी ओर किसी भक्त को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े जिसके लिए वह साधुवाद की पात्र है। उन्होंने गौसेवा की प्रेरणा देते हुए कहा कि गौमाता के बिना सनातन धर्म का टिक पाना मुश्किल है।
पाठ्यक्रम से गाय का निबंध निकाल देने से बच्चों को स्मरण ही नहीं होता कि गौमाता की सेवा कैसे करे। भारत सरकार को केजी से लेकर हर कक्षा में गौमाता को एक विषय बनाना चाहिए ताकि बच्चें उस बारे में पढ़ सके। गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए इसके लिए 27 अप्रेल से 27 जुलाई तक गौसम्मान आह्वान अभियान भी चला रहे है। पंडित मिश्रा ने कहा कि निंदा, बुराई ओर अपशब्द का विष जिसने अपनी जिंदगी में पी लिया देवाधिदेव महादेव उसके हो जाते है। बाबा से प्रार्थना करें कि वह आपके जीवन के सारे कष्ट दूर कर दे। जो भावों के साथ इस कथा का श्रवण करता है भगवान महादेव उसके द्वार पहुंच सारे कष्ट दूर कर देते है। चारभुजा मंदिर उज्जैन के महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरी महाराज ने कहा कि भीलवाड़ा नगरी में शिव की इस गंगा को लाने के लिए भागीरथी बनने का कार्य महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज ने किया।
आभार आयोजन समिति के अध्यक्ष विधायक अशोक कोठारी ने जताया ओर सभी को गौसेवा ओर मानव सेवा करते रहने का आह्वान किया। आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी ने एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील जागेटिया ने बताया कि ने बताया कि सैकड़ो कार्यकर्ताओं के समर्पित भाव से सेवाएं प्रदान करने से श्री शिव महापुराण कथा का एतिहासिक आयोजन भीलवाड़ा में हो पाया है।
- पैसे वाला होना सरल पर अमीर बनना कठिन
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि दुनिया में पैसे वाला होना सरल है पर अमीर बनना कठिन है। दुनिया में पैसे वाले तो बहुत है पर सबसे अमीर व्यक्ति वह है जिसे रात्रि में नींद अच्छी आती है, भोजन आसानी से पचता है ओर शरीर को कोई तकलीफ नहीं है। अमीर वहीं है जिसे पैसा कमाने के बाद भी सुखचैन की नींद आए ओर काया निरोगी रहे ओर कोई दवा नहीं खानी पड़े। उन्होंने कहा कि पहले लोग समझते थे ओर फिर समझाते थे लेकिन आजकल समझना कोई नहीं चाहता सब समझाने में लगे है। जब तक समझेंगे नहीं समझा भी नहीं पाएंगे।
- सात दिन से पांडाल में जमा श्रद्धालु माथे पर रज लगा गंतव्य की ओर लौटे
श्री शिव महापुराण कथा पांडाल में गत सात दिन से हर समय शिव भक्ति में तल्लीन हजारों श्रद्धालु भी कथा विराम होते ही पांडाल की रज (मिट्टी) माथे पर लगा ओर साथ लेकर गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
ये श्रद्धालु भीलवाड़ा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से ही नहीं राजस्थान ओर देश के विभिन्न क्षेत्रों से भी भीलवाड़ा पहुंचे थे। कथा विराम होते ही ऐसे श्रद्धालु अपना सामान लेकर घर पहुंचने के लिए बस स्टेण्ड ओर रेलवे स्टेशन की ओर रवाना हो गए।
- ‘म्हारों चारभुजा रो नाथ’ भजन पर झुम उठे लाखों श्रद्धालु
कथा के दौरान मंच से ‘म्हारा चारभुजा रो नाथ, जो भी मांग्यो दीजो भर-भर हाथ’ भजन गाया गया तो लाखों महिला श्रद्धालु अपने-अपने स्थानों पर खड़ा होकर झूमती रही। पांडाल के अंदर हो या बाहर हर तरफ भक्ति से ओतप्रोत श्रद्धालु ऐसे भजनों की रसगंगा में डूबे नजर आए। कथा के दौरान मंच से पंडित मिश्रा ने कुछ श्रद्धालुओं के पत्र पढ़े जिसमें बताया गया था कि उनकी समस्याओं का निदान किस तरह शिव भक्ति से हुआ।
- श्री शिव महापुराण कथा समिति ने जताया सभी का आभार
श्री शिव महापुराण कथा के एतिहासिक सफल आयोजन पर श्री शिव महापुराण कथा आयोजन समिति भीलवाड़ा के अध्यक्ष विधायक अशोक कोठारी ने सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संकटमोचन हनुमान मंदिर के महामण्डलेश्वर बाबूगिरी महाराज की प्रेरणा से ही ये आयोजन हो पाया ओर सभी के सहयोग से इतना विराट आयोजन साआनंद सम्पन्न हो पाया है। कथा के सूत्रधार महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज, आयोजन समिति के अध्यक्ष विधायक अशोक कोठारी, कार्यकारी अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील जागेटिया, संयोजक गजांनद बजाज, सह संयोजक सत्येन्द्र बिरला, महासचिव पीयूष डाड, कन्हैयालाल स्वर्णकार, सचिव बद्रीलाल सोमानी, रामेश्वरलाल ईनाणी, ललित सोमानी, कार्यालय प्रभारी रजनीकांत आचार्य, भोजनशाला प्रभारी राजेश कुदाल, मीडिया प्रभारी निलेश कांठेड़, सह मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र कोठारी, महिला प्रमुख मंजू पोखरना, अलका जोशी आदि पदाधिकारियों ने आयोजन को एतिहासिक भव्यता प्रदान करने में सहयोग देने वाले जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, मीडिया जगत, नगर निगम, नगर विकास न्यास, चिकित्सा विभाग, विद्युत विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों का आभार जताया है। समिति ने कथा के सफल आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोगी बने सभी बंधुओं ओर संस्थाओं के प्रति भी आभार जताया है।


