युवा बाबा साहब के आदर्शों को अपनाएं — राजेश जीनगर
भीलवाड़ा (बृजेश शर्मा) अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के सचिव पीरू सिंह गौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि परिषद के अध्यक्ष रतन लाल जाट की अध्यक्षता में महेश छात्रावास, भीलवाड़ा में भारत रत्न एवं भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
जिला महासचिव राकेश जैन के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता राजेश जीनगर (शिक्षक), विशिष्ट अतिथि दीपक सेन, रामेश्वर लाल विजयवर्गीय, शिव कुमार शर्मा, राजेश सामरिया, मनीषा चोरडिया तथा अध्यक्ष रतन लाल जाट द्वारा भारत माता एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित अधिवक्ताओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
मुख्य वक्ता राजेश जीनगर ने युवाओं को बाबा साहब के आदर्शों को अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने अपने शोध एवं लेखन के माध्यम से समाज में फैलाई गई भ्रांतियों का खंडन किया और समाज को एकजुट करने का कार्य किया। उन्होंने संविधान निर्माण में बाबा साहब के योगदान पर भी प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि दीपक सेन ने संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर “पंच परिवर्तन” अपनाने पर जोर देते हुए सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन एवं स्वभाषा-स्ववेशभूषा को अपनाने की आवश्यकता बताई।
राजेश सामरिया ने डॉ. अम्बेडकर के जीवन संघर्ष एवं उनके द्वारा समाज में समानता और समरसता स्थापित करने के प्रयासों का उल्लेख किया। श्याम लाल वेद ने बाबा साहब के राष्ट्र के प्रति समर्पण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने विदेशों के प्रलोभनों को ठुकराकर देश में रहकर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
धर्मवीर सिंह कानावत ने बाबा साहब के राष्ट्र प्रेम और देशहित में उनके योगदान पर विस्तार से जानकारी दी। सुनील जैन ने कविता के माध्यम से बाबा साहब के जीवन चरित्र और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को प्रस्तुत किया। गजेंद्र सिंह कानावत ने भी अम्बेडकर पर काव्य पाठ किया, जबकि मनीषा चोरड़िया ने ‘वंदे मातरम्’ का पाठ किया।
कार्यक्रम का संचालन महासचिव राकेश जैन ने किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के संरक्षक सुरेश सुवालका, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य आदित्य नारायण जाजपुरा, पीरू सिंह गौड़, रघुनंदन सिंह कानावत, राजेंद्र कुमार कचोलिया, युवराज चंदेल, दुर्गेश शर्मा, संजय सेन, राघवेन्द्र नाथ व्यास, महावीर जांगिड़, ललित सोनी, महिपाल सिंह राणावत, पंकज कुमार दाधीच, प्रताप तेली, कीर्ति सोलंकी, सरिता स्वर्णकार, सुनीता सुवालका, विजय कुमार शर्मा, सुमित माली, कुशल साहू, सुरेश पालीवाल, अनिल धाकड़, अंकित शर्मा, बालूलाल उपाध्याय, रिंकू कंवर, राम नरेश विजयवर्गीय सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।


