विधि संकाय, संगम यूनिवर्सिटी में महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर कार्यशाला
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) संगम यूनिवर्सिटी के विधि संकाय में बाल व महिला चेतना समिति तथा डायरेक्ट एक्शन फॉर वुमन के संयुक्त तत्वावधान में “महिलाओं के खिलाफ हिंसा” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। इस अवसर पर बाल व महिला चेतना समिति की अध्यक्ष तारा आहलूवालिया, कनोडिया कॉलेज जयपुर की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. रेनुका पामेचा और ममता जेतली ने मुख्य वक्ता के रूप में महिलाओं के अधिकार, बाल विवाह, संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी, लैंगिक भेदभाव और हिंसा के विविध पहलुओं पर विचार साझा किए। समन्वयक परमेश माली, ब्लॉक समन्वयक भावना जोशी एवं श्यामलाल तथा कार्यालय सहायक विशाल ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।विभिन्न वक्ताओं ने संविधान, मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा, महिला भेदभाव उन्मूलन संधि (CEDAW), कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हुए समाज में महिलाओं की स्थिति पर परिवार, समाज, धर्म, जाति, कानून, कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यशाला के अंतर्गत छात्रों के बीच पोस्टर निर्माण और प्रस्तुतीकरण गतिविधि भी आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा के विविध स्वरूपों को विषय बनाया। प्रस्तुतियों में शारीरिक हिंसा, पारिवारिक हिंसा, माता-पिता के घर में होने वाली हिंसा, मौखिक और मानसिक उत्पीड़न, यौन हिंसा, जाति–समुदाय अथवा धर्म के आधार पर होने वाला भेदभाव, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न तथा आर्थिक हिंसा जैसे मुद्दों को गहराई से उठाया गया। छात्रों ने सृजनात्मक और प्रभावशाली ढंग से इन चुनौतियों को सामने रखते हुए समाज में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया।इस आयोजन की सफलता में कुलपति डॉ. (प्रो.) करुणेश सक्सेना, प्रो वाइस चांसलर डॉ. (प्रो.) मानस रंजन पाणिग्रही तथा रजिस्ट्रार डॉ. आलोक कुमार का मार्गदर्शन उल्लेखनीय रहा।कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णुप्रिया दाधीच द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधि अध्ययन विद्यालय के डीन इंचार्ज डॉ. ओमप्रकाश डी. सोमकुंवर, सहायक अधिष्ठाता गौरव सक्सेना तथा संकाय सदस्य—डॉ. सुनाक्षी शर्मा, शशांक शेखर सिंह, आदित्य दाधिच, वर्तिका मिश्रा और वृंदा माहेश्वरी भी उपस्थित रहे।