बिना दहेज और बिना फिजूलखर्ची के अनोखी शादी, तहसील परिसर में सादगी से संपन्न
कठूमर (दिनेश लेखी) कठूमर तहसील क्षेत्र में मंगलवार को एक अनोखी और प्रेरणादायक शादी का आयोजन हुआ, जिसमें बिना दहेज, बिना फिजूलखर्ची और बिना किसी दबाव के विवाह संपन्न कराया गया। इस सादगीपूर्ण विवाह ने समाज को दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है।
एडवोकेट समुंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि उपखंड क्षेत्र के गांव मैथनी निवासी भूपसिंह गुर्जर पुत्र जीतमल का विवाह कल्पना पुत्री रामकिशन, निवासी गढ़ी खजानसिंह, थाना कुम्हेर, जिला डीग के साथ तहसील परिसर में ही संपन्न कराया गया।
विवाह की सभी रस्में बेहद सादगी से पूरी की गईं।
तहसील परिसर में ही वेदी बनाकर पंडित गोकुल शर्मा हनीपुर द्वारा अग्नि के समक्ष फेरों की रस्म कराई गई। इस दौरान दोनों पक्षों के केवल पांच-पांच लोग ही मौजूद रहे। शादी में ना किसी प्रकार की दौड़-भाग हुई और ना ही कोई अनावश्यक खर्च किया गया।
उन्होने बताया कि दोनों ही परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। कर्ज और सामाजिक दबाव से बचने के लिए उन्होंने इस सरल और सुलभ तरीके से विवाह करने का निर्णय लिया।
इस विवाह के साक्षी बने मैंथनी निवासी एडवोकेट समंदर कुमार शर्मा ने बताया कि यह शादी पूरी तरह आपसी सहमति से बिना किसी खर्चे के संपन्न कराई गई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शादियां समाज में एक नई सोच और सकारात्मक बदलाव का संदेश देती हैं।
यह सादगीपूर्ण विवाह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों द्वारा इसकी सराहना की जा रही है।


