गोविंदगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 16 साल से फरार गौ-तस्करी के आरोपियों सहित 20 स्थायी वारंटी गिरफ्तार
अलवर जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देशानुसार जिले में वांछित अपराधियों और लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गोविंदगढ़ थाना पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 20 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है, जिनमें से कई आरोपी पिछले 16 वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहे थे।
कासगंज (U.P.) में जाल बिछाकर 17 वारंटी दबोचे
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि गोविंदगढ़ थाना अधिकारी धर्मसिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मुखबिरों की सहायता से जाल बिछाकर उत्तर प्रदेश के कासगंज (थाना ढोलना व साहबकर) से वर्ष 2010 के गौ-तस्करी के मामले में फरार चल रहे रिकॉर्ड 17 स्थायी वारंटियों को एक साथ गिरफ्तार किया। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने 8 साल पुराने अन्य मामलों में वांछित 3 अन्य वारंटियों को जिला डीग से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
- गौ-तस्करी मामला (कासगंज, UP निवासी): दुर्वेश (40), विनोद (38), राजेन्द्र (54), जसवीर (40), भूपसिंह (80), महेश (50), कालीचरण (50), रविन्द्र (43), वीरेश (35), कालीचरण (42), गोवर्धन (40), रिछपाल (70), श्रवण (62), जितेन्द्र (40), कुवंरपाल (62), डिप्टी (40) और रामनाथ (60)।
- अन्य मामलों में (डीग निवासी): जोगेन्द्र (34), पुष्पेन्द्र सिंह (35) और वकील खां (33)।
सराहनीय भूमिका (पुलिस टीम):
इस बेहद जटिल और बड़े ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी धर्मसिंह के साथ हेड कॉन्स्टेबल दयाराम, कॉन्स्टेबल बलजीत सिंह, गजाधर, राजू कुमार, देवेन्द्र सिंह, धीरेन्द्र सिंह, अजयसिंह, सतवीर सिंह, देवेन्द्र कुमार, गिर्राजसिंह और आरटी दीपक कुमार शामिल रहे।
इन सभी शातिर और लंबे समय से फरार वारंटियों को ट्रैक करने और उनकी सटीक लोकेशन निकालकर दबोचने में कॉन्स्टेबल गोपीलाल की विशेष और सराहनीय भूमिका रही। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


