पहले 5 साल रगड़ाई, फिर स्थायी नौकरी, सफाईकर्मी भर्ती में सरकार का नया फॉर्मूला
जयपुर (कमलेश जैन) राजस्थान के नगरीय निकायों में सफाईकर्मियों की भर्ती को लेकर लंबे समय से बना गतिरोध जल्द खत्म होता दिख रहा है। राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया का नया मॉडल तैयार किया है।
अब सफाईकर्मियों की सीधे स्थायी भर्ती नहीं होगी।
चयनित अभ्यर्थियों को पहले संविदा आधार पर नियुक्त किया जाएगा और 5 साल तक उनके कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद संतोषजनक कार्य करने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।
दो बार रद्द हो चुकी भर्ती प्रक्रिया :सफाईकर्मी भर्ती पिछले कई वर्षों से विवादों में घिरी रही है।अनुभव प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता, फर्जी प्रमाण-पत्रों की शिकायतें और प्राथमिकता को लेकर उठे विवादों के कारण भर्ती प्रक्रिया दो बार सरकार को निरस्त करनी पड़ी। कांग्रेस सरकार के दौरान 13 हजार 184 पदों पर निकाली भर्ती अप्रैल 2023 में वापस ले ली गई थी। वर्तमान सरकार ने 24 हजार 797 पदों पर भर्ती की घोषणा की, लेकिन अगस्त 2024 में 23 हजार 820 पदों की भर्ती प्रक्रिया भी रद्द करनी पड़ी।
24 से 25 हजार पदोंपर भर्ती: स्वायत्त शासन विभाग अब राजस्थान संविदा भर्ती नियम-2022 के तहत करीब 24 से 25 हजार सफाईकर्मियों की भर्ती करने जा रहा है। शासन सचिव रवि जैन ने बताया कि भर्ती नियमावली तैयार की जा रही है। इसके लिए सफाई कर्मचारी संगठनों और नगरीय निकायों के अधिकारियों से सुझाव लिए हैं। सरकार के भर्ती कैलेंडर में भी इसे शामिल किया है, जल्द विज्ञप्ति जारी होने की संभावना है।
पांच साल बाद होगा कार्य मूल्यांकन :नई व्यवस्था के तहत चयनित अभ्यर्थियों को पहले संविदा कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इस दौरान निर्धारित फिक्स वेतनमान मिलेगा। पांच वर्ष उनके कार्य, अनुशासन और प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। जिन कर्मचारियों का कार्य संतोषजनक मिलेगा, उन्हें बाद में स्थायी किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे कार्यकुशल और जिम्मेदार कर्मचारियों का चयन सुनिश्चित हो सकेगा।
प्रावधान नहीं :शासन सचिव रवि जैन ने स्पष्ट किया कि फिलहाल भर्ती में किसी विशेष समाज को प्राथमिकता देने का कोई प्रावधान तय नहीं किया है। भर्ती प्रक्रिया सामान्य सरकारी भर्तियों की तरह आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप ही होगी। अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग सहित सभी वर्गों को नियमानुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा।
सफाईकर्मी करेंगे केवल सफाई का काम विभाग ने ये भी स्पष्ट किया कि सफाईकर्मी पद पर भर्ती कर्मचारियों को केवल उनके मूल कार्य में ही लगाया जाएगा। कई नगरीय निकायों में सफाईकर्मी कार्यालयों में चपरासी, ऑफिस बॉय या अन्य प्रशासनिक कार्य करते पाए गए। शासन सचिव ने कहा कि ये स्थिति स्वीकार्य नहीं है और ऐसे कर्मचारियों को उनके मूल कार्य पर वापस लगाने के निर्देश दिए हैं।
निगम आयुक्तों और ईओ को दिए निर्देश:
सरकार ने सभी नगर निगम आयुक्तों और नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाईकर्मी पद पर नियुक्त कर्मचारी सफाई कार्यों में ही लगे रहें। विभाग का मानना है कि यदि सफाईकर्मी कार्यालयों में कार्यरत रहेंगे तो सफाई व्यवस्था प्रभावित होगी, इसलिए नियुक्ति के उद्देश्य और कार्य के बीच संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया पर टिकी हजारों युवाओं की नजर :
राज्य सरकार के इस नए मॉडल को सफाईकर्मी भर्ती में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। कार्य प्रदर्शन आधारित नियमितीकरण, संविदा नियुक्ति और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए सरकार भर्ती को विवादों से दूर रखना चाहती है। अब प्रदेशभर के हजारों अभ्यर्थियों की नजर विभाग की ओर से जारी की जाने वाली भर्ती विज्ञप्ति पर टिकी हुई है।


