कमानी टूटने से रेलवे ट्रैक के बीचों-बीच फंसा रहा गिट्टी लदा ट्रक फंसा, 62 मिनट तक रेल यातायात रहा बाधित, जेसीबी की मदद से हटाया
चौरीचौरा (गोरखपुर/ शशि जायसवाल) पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर-देवरिया रेल खंड पर स्थित चौरीचौरा रेलवे स्टेशन के समीप गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रेलवे ढाला संख्या 146-बी पर सुबह एक गिट्टी से लदा भारी ट्रक अचानक रेलवे ट्रैक के बीचों-बीच फंस गया। ट्रक की कमानी टूट जाने के कारण वह हिल भी नहीं सका, जिससे करीब 62 मिनट तक रेल संचालन पूरी तरह बाधित रहा और सड़क यातायात भी ठप हो गया।
- गेटमैन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:05 बजे गिट्टी से लदा यह ओवरलोडेड ट्रक रेलवे क्रॉसिंग को पार कर रहा था, तभी अचानक उसकी कमानी टूट गई। घटना होते ही मौके पर तैनात गेटमैन अनीस कुमार ने सूझबूझ और सतर्कता का परिचय देते हुए तत्काल इसकी सूचना रेलवे स्टेशन मास्टर और उच्च अधिकारियों को दी। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों के तहत ट्रैक पर आने वाली ट्रेनों को रोकने के लिए सिग्नल व अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए गए।
- दो जेसीबी मशीनों से एक घंटे में खाली हुआ ट्रैक
ट्रक में भारी मात्रा में गिट्टी लदी होने के कारण उसे सामान्य तरीके से खींचना नामुमकिन था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मौके पर दो जेसीबी मशीनें बुलाईं। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत और तकनीकी प्रयास के बाद ट्रक को पटरी से हटाया जा सका। सुबह 10:07 बजे रेलवे ट्रैक को पूरी तरह क्लियर घोषित किया गया, जिसके बाद रेल यातायात बहाल हो सका।
- ट्रेनें प्रभावित, सड़क पर लगा भीषण जाम
इस व्यवधान के कारण रेल संचालन पर सीधा असर पड़ा। मुख्य रूप से गाड़ी संख्या 02564 (क्लोन एक्सप्रेस) को सुरक्षित स्थानों पर नियंत्रित करना पड़ा, जिसके चलते यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से 50 मिनट की देरी से चल सकी।
दूसरी ओर, रेलवे फाटक के दोनों तरफ वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। सुबह के पीक ऑवर्स होने के कारण दफ्तर, स्कूल और जरूरी काम से जाने वाले राहगीरों को भीषण जाम का सामना करना पड़ा।
- स्थानीय निवासियों ने जताई नाराजगी, सुधार की मांग
घटना के बाद क्षेत्रवासियों और स्थानीय नागरिकों ने रेलवे ढाले की भौगोलिक संरचना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है: "रेलवे ट्रैक सड़क की मुख्य सतह से काफी ऊंचाई पर बना हुआ है। इस तीव्र ढाल के कारण भारी और लोडेड वाहन अक्सर क्रॉसिंग पार करते समय असंतुलित होकर फंस जाते हैं या उनके कल-पुर्जे टूट जाते हैं। रेलवे प्रशासन को इस ऊंचे ढाले की संरचना में तकनीकी सुधार कर इसका स्थायी समाधान निकालना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।"
रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।


