करुणा प्रेम और सह अस्तित्व का सजीव उत्सव - मानव एकता दिवस रक्तदान में 246 यूनिट रक्त एकत्रित
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) जब हृदय में करुणा, प्रेम और एकत्व की दिव्य चेतना जागृत होती है, तब मानव अपने सीमित स्वार्थों से ऊपर उठकर सम्पूर्ण सृष्टि के कल्याण का सशक्त माध्यम बन जाता है।
अलवर निरंकारी सत्संग भवन पर मानव एकता दिवस के उपलक्ष्य में बाबा गुरबचन सिंह की स्मृति में जोन स्तरीय विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जो कि अलवर के राजकीय राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय के ब्लड बैंक के योग्य चिकित्सकों द्वारा डॉ मोनिका की देखरेख में रक्त एकत्रित किया गया जिसका विधिवत उद्घाटन जोनल प्रभारी वैध बनवारी लाल एवम् जिला संयोजक सोमनाथ की उपस्थिति में राजस्थान सरकार के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा के कर कमलों द्वारा फीता काट कर किया गया|
इसी क्रम में आज सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राज पिता के सानिध्य में दिल्ली के बुराड़ी रोड स्थित ग्राउंड नंबर 8 में भी रक्तदान आयोजित किया गया इसके साथ ही समूचे देश के हजारों श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया ।
यह केवल एक आयोजन नहीं बल्कि प्रेम सदभाव और निष्काम सेवा का जीवंत स्वरूप बन कर उभरा ।
बाबा हरदेव सिंह का संदेश कि रक्त इंसान की नाड़ीयो में बहे ना कि नालियों में सेवा को जीवन का अनिवार्य अंग बनाया संत निरंकारी मंडल के सचिव आदरणीय जोगेंद्र सुखीजा के अनुसार रक्तदान की ये पावन परंपरा पिछले चार दशकों से निरंतर जारी है समूचे भारत वर्ष के लगभग 200 स्थानो पर रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन किया गया इसमें लगभग 40000 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया जो निष्काम सेवा परोपकार और मानवता के प्रति समर्पण की जीवन अभिव्यक्ति बनकर उभरा इसे सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज निरंतर आगे बढ़ा रही है।
मानव एकता दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जिला संयोजक सोमनाथ निरंकारी ने कहा कि मानव हो मानव को प्यारा एक दूजे का बने सहारा ये एक परम पिता परमात्मा की जानकारी करके ही संभव है तभी मानव एकता स्थापित हो सकती है ।सारे कार्यक्रम की व्यवस्था क्षेत्रीय संचालक गणपत राम व स्थानीय संचालक शीलीराम की देखरेख में सेवादल के श्रद्धालु भाई - बहनों ने मिल जुलकर यह कार्यक्रम संपन्न किया|


