टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अठीयासन और चेनार में शिविर आयोजित, 734 ग्रामीणों की हुई जांच
नागौर (मोहम्मद शहजाद)। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहे 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम के तहत नागौर जिले के अठीयासन और चेनार गांवों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी क्षय रोग की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है।
शिविर के दौरान कुल 734 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की गई।जिला क्षय अधिकारी डॉ. श्रवण राव ने बताया कि शिविर में तकनीक का लाभ उठाते हुए अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया गया। इसके माध्यम से 102 संदिग्ध मरीजों का मौके पर ही डिजिटल चेस्ट एक्स-रे किया गया, जिससे जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा।
डॉ. राव और वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए टीबी के लक्षणों जैसे लगातार खांसी, वजन गिरना और बुखार के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि सरकारी केंद्रों पर टीबी का संपूर्ण इलाज पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध है। शिविरों के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमों ने अपनी सेवाएं दीं।
अठीयासन आयुष्मान आरोग्य केंद्र पर रेडियोग्राफर निशा जोशी, देवकिशन सांखला, सी एच ओ वीरेंद्र और एएनएम सरिता ने ग्रामीणों की जांच की। चेनार केंद्र पर सहायक रेडियोग्राफर देवाशीष आचार्य, हर्षित कुमावत, आकाश बरवासा, एएनएम एल.सी.सी.पी. और आशा सहयोगिनी सम्मू व शकुंतला की टीम मुस्तैद रही। इस विशेष अभियान को सफल बनाने में घनश्याम जी बोराणा का विशेष सहयोग रहा। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य इन शिविरों के माध्यम से टीबी की कड़ी को तोड़कर जिले को क्षय रोग से मुक्त बनाना है।


