राजस्थान में 6 चरणों में हो सकते हैं पंचायत और निकाय चुनाव, हाई कोर्ट की सख्ती
जयपुर (कमलेश जैन) राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मतदाता सूची का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति की जा चुकी है। ऐसे संकेत मिले हैं कि राज्य में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव छह चरणों में कराए जा सकते हैं।
पंच और सरपंचों के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे
चुनाव आयोग के अनुसार, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम के माध्यम से कराए जाएंगे, जबकि पंच और सरपंचों के चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। चुनाव कार्य के लिए पर्याप्त मात्रा में मतपेटियां जिलों में ही उपलब्ध हैं। जबकि ईवीएम मशीन मध्य प्रदेश से मंगवाया जा रहा है। EVM मशीनों के संचालन के लिए जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया चुका है।
20 जुलाई सोमवार तक बताना पड़ेगा कब होंगे चुनाव
इससे पहले अभी हाल में राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग से कहा था कि वे राज्य में पंचायत और शहरी निकाय चुनाव कराने का पूरा शेड्यूल 20 जुलाई तक कोर्ट में जमा करें। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग को OBC आयोग के साथ मिलकर शेड्यूल पर चर्चा करनी चाहिए। सरकार किस तारीख तक वार्डों के परिसीमन के लिए लॉटरी निकालेगी और राज्य चुनाव आयोग किन तारीखों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा। संबंधित अधिकारी अगली सुनवाई में भी शामिल होंगे। बेंच ने चुनाव कराने के लिए कोर्ट की समय-सीमा को पूरा करने में राज्य की बार-बार की नाकामी पर नाराज़गी ज़ाहिर की।
चुनाव कराने में देरी की क्या है वजह
इस मामले में कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 14 नवंबर, 2025 को राज्य सरकार को 15 अप्रैल, 2026 तक पंचायत और नगरपालिका चुनाव कराने का आदेश दिया था। राज्य और राज्य चुनाव आयोग द्वारा समय-सीमा पूरी न कर पाने के बाद याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट की अवमानना की याचिकाएं दायर कीं। इन याचिकाओं पर हाई कोर्ट ने 22 मई, 2026 को एक बार फिर राज्य को निर्देश दिया कि वह संबंधित निकायों के चुनाव 31 जुलाई, 2026 तक कराए। चुनाव कराने में देरी की वजह के तौर पर OBC आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण कोटे के लिए सिफ़ारिशें न मिलने का हवाला दिया गया है। राज्य सरकार ने बताया कि OBC कमीशन 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगा और 31 अगस्त तक आरक्षण की बारीकियों को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है।


