पूज्य पुलकसागरजी महाराज की चातुर्मासिक अगवानी के लिए चित्तौड़गढ़ पहुंचें भीलवाड़ा के श्रद्धालु
चातुर्मासिक मंगल प्रवेश तक विहार यात्रा में निरन्तर सेवाएं देंगे भीलवाड़ा के श्रद्धालु
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) धर्मनगरी भीलवाड़ा की पावन धरा पर पहली बार चातुर्मास करने पधार रहे ओजस्वी प्रवचनकार प्रख्यात राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी म.सा. ने शनिवार शाम चित्तौड़गढ़ से विदा होकर भीलवाड़ा की दिशा में पावन कदम बढ़ा दिए। पूज्य संत प्रवर की चातुर्मासिक अगवानी के लिए भीलवाड़ा से धर्मध्वजा लेकर सैकड़ो श्रद्धालु वहां पहुचें ओर गुरूदेव से जल्द भीलवाड़ा की पुण्यधरा पर चातुर्मास के लिए पधारने की भावपूर्ण विनती की। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी के नेतृत्व में उपाध्यक्ष प्रकाश गंगवाल, महामंत्री लोकेश अजमेरा, मंत्री नरेश गोधा, सह मंत्री भेरू लाल बडजात्या, दिनेश सेठिया, तनसुख गदिया, समाज के कोषाध्यक्ष अशोक कांटीवाल, लक्ष्मीलाल जैन सहित सभी मंदिरों के अध्यक्ष एवं पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट के जयकुमार पाटनी, अनिल जैन, महेंद्र सोगानी, प्रेम सेठी सहित विहार युवा समिति के रवि चौधरी, अभिषेक पटौदी, संदीप बाकलीवाल, अनंत जैन सहित सैकड़ों युवा विहार में सम्मिलित थे। पूज्य गुरुदेव ने सभी को आशीर्वाद प्रदान करते हुए मंगलभावना व्यक्त की।
चातुर्मास समिति अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने कहा कि करीब 11 वर्ष की प्रतीक्षा के बाद फिर भीलवाड़ा आ रहे पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी महाराज के दर्शन वंदन एवं चातुर्मास में उनके मुखारबिंद से जिनवाणी श्रवण करने के लिए भीलवाड़ावासी आतुर है ओर बेसब्री से 25 जुलाई का इन्तजार कर रहे है जब चातुर्मासिक मंगलप्रवेश होगा। चित्तौड़गढ़ से भीलवाड़ा विहार यात्रा के दौरान धर्मध्वजा लेकर भीलवाड़ा के श्रद्धालु निरन्तर साथ चलेंगे ओर गुरूदेव को पूरे श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भीलवाड़ा लेकर आएंगे। विहार संयोजक रवि चौधरी, अभिषेक पाटोदी, संदीप बाकलीवाल, अनंत जैन एवं पारस वैद की अगुवाई में 60 युवाओं की टीम द्वारा चित्तौड़गढ़ से भीलवाड़ा तक विहार कराया जाएगा। विहार मार्ग में भी जगह-जगह स्वागत एवं अभिनंदन की तैयारी है। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में होने वाले चातुर्मास के दौेरान धर्म आराधना एवं भक्ति से ओतप्रोत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। चातुर्मासिक प्रवचन प्रतिदिन 26 जुलाई से प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में होंगे। यहां प्रवचन के लिए विशाल वाटरप्रूफ डोम पांडाल तैयार किया गया है। चातुर्मास के दौरान 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में पूज्य पुलकसागरजी म.सा. के सानिध्य में ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इससे पूर्व चित्रकूटधाम में ही 1 अगस्त को गुरू गुणानुवाद कार्यक्रम होंगा एवं चातुर्मासिक मंगल कलश की स्थापना 2 अगस्त को होगी। चित्रकूटधाम में भी विशाल वाटरप्रूफ पांडाल तैयार किया गया है। मंगलकलश स्थापना कार्यक्रम में देशभर से हजारों श्रद्धालु भी शामिल होने के लिए आएंगे।


