डीजल की जमाखोरी पर केंद्र सख्त: पेट्रोल पंपों से 200 लीटर से ज्यादा बिक्री पर लगी रोक

Jun 15, 2026 - 16:45
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डीजल की जमाखोरी पर केंद्र सख्त: पेट्रोल पंपों से 200 लीटर से ज्यादा बिक्री पर लगी रोक

दिल्ली (कमलेश जैन) तेल के बढे हुए संकट को मध्य नजर रखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब बड़े खरीदारों को अपनी जरूरत का ईंधन केवल बल्क सेल पॉइंट्स (थोक बिक्री केंद्रों) से ही खरीदना होगा। सरकार ने इस संबंध में एक आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। सरकार का यह कदम डीजल की जमाखोरी को रोकने और आम जनता के लिए ईंधन की कमी न होने देने के मकसद से उठाया गया है।
पेट्रोल पंप डीलर के अनुसार सरकार द्वारा जारी किए गए नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये नई पाबंदियां शुरुआती तौर पर अगले 90 दिनों तक लागू रहेंगी। इस आदेश में सभी पेट्रोल पंप डीलरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी एक ग्राहक या गाड़ी को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा हाई-स्पीड डीजल नहीं बेच सकते हैं।
इसके साथ ही सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि पेट्रोल पंपों से खरीदे गए इस हाई-स्पीड डीजल को आगे किसी भी कीमत पर दोबारा (रीसेल) नहीं बेचा जा सकता है। सरकार के इस कदम का सीधा मकसद आम उपभोक्ताओं और एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन की लगातार उपलब्धता बनाए रखना है।
पिछले कुछ समय से देश के कई प्रांतों 
 मे डीजल की मांग में अचानक और असामान्य बढ़ोतरी देखी जा रही थी। जांच में सामने आया कि बड़े कमर्शियल और बल्क यूजर्स कीमतों में भारी अंतर होने की वजह से थोक डिपो के बजाय सीधे रिटेल पेट्रोल पंपों पर आकर ईंधन खरीदने लगे थे।
उदाहरण के लिए, दिल्ली में आम जनता के लिए पेट्रोल पंपों पर डीजल की कीमत ₹95.20 प्रति लीटर है, जबकि बल्क (थोक) में यही डीजल ₹134.50 प्रति लीटर मिल रहा है। यह बड़ा अंतर इसलिए आया क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों ने आम जनता को महंगाई की मार से बचाने के लिए रिटेल कीमतों को काबू में रखा, जिसका फायदा बड़े इंडस्ट्रियल बायर्स उठाने लगे थे। इसी को रोकने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ‘मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल आदेश, 2026’ जारी कर रिटेल आउटलेट्स से होने वाली इस थोक खरीद पर 90 दिनों का बैन लगा दिया है।
क्या है हाई-स्पीड डीजल, कहाँ होता है इसका इस्तेमाल?
हाई-स्पीड डीजल पेट्रोलियम से तैयार होने वाला एक स्टैंडर्ड डीजल फ्यूल है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से हमारी रोजमर्रा की गाड़ियों, बड़े कमर्शियल ट्रकों, कंस्ट्रक्शन के भारी सामानों और पावर जनरेटर्स को चलाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा ऑफ-रोड कंस्ट्रक्शन के कामों, खेती-किसानो की आधुनिक मशीनों और पेट्रोलियम ड्रिलिंग के बड़े उपकरणों को चलाने में भी इसी ईंधन का उपयोग होता है।
फैक्ट्रियों और सोसायटियों में लगे बड़े डीजल जनरेटरों और गैस टर्बाइन में भी यह मुख्य ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

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