राजकीय सेवारत फार्मासिस्टों को सुरक्षित औषधि भंडारण एवं गुणवत्ता प्रबंधन का दिया प्रशिक्षण
खैरथल (हीरालाल भूरानी) जिला मुख्यालय पर आयोजित Drugs Safety & Quality Management Training कार्यक्रम में जिले के विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य संस्थानों से बड़ी संख्या में सरकारी फार्मासिस्टों ने भाग लिया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अरविंद गेट ने हाई रिस्क प्रेगनेंसी पर विशेष ध्यान देते हुए प्रसूताओं से संबंधित सभी दवाईया और इंजेक्शन के प्रयाप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए व आईएचएमएस पोर्टल पर शत प्रतिशत रोगी उपचार पर्ची इंद्राज करवाने हेतु निर्देश दिए गये |
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक औषधि नियंत्रक नरोत्तम देव बारोठिया ने औषधियों की गुणवत्ता एवं मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से Drugs & Cosmetics Act, 1940 एवं नियम, 1945 के अनुरूप औषधियों के सुरक्षित भंडारण (Storage Conditions), Cold Chain Management, Batch Traceability, FEFO (First Expiry First Out), तापमान नियंत्रण, रिकॉर्ड संधारण तथा औषधि गुणवत्ता संरक्षण के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि औषधि की गुणवत्ता केवल निर्माण के समय ही नहीं, बल्कि उसके उचित भंडारण, रखरखाव एवं वितरण पर भी निर्भर करती है। उन्होंने सभी फार्मासिस्टों से दवाओं की Expiry Date पर विशेष सतर्कता रखने, FEFO प्रणाली का प्रभावी पालन करने तथा समय पर Near-Expiry एवं Expired औषधियों का पृथक्करण सुनिश्चित करने का आह्वान किया, जिससे राजकीय औषधियों की अनावश्यक बर्बादी एवं राजकीय धन की हानि को रोका जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि सही Storage Conditions, Cold Chain Maintenance एवं Batch Traceability अपनाकर औषधियों की गुणवत्ता एवं मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान फार्मासिस्टों ने औषधियों के उचित भंडारण, तापमान नियंत्रण, गुणवत्ता संरक्षण, दवा वितरण, रिकॉर्ड संधारण तथा दैनिक कार्यों में आने वाली विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं एवं जिज्ञासाओं पर प्रश्न पूछे। बारोठिया ने सभी प्रश्नों एवं शंकाओं का विस्तारपूर्वक समाधान करते हुए नियमानुसार कार्य करने तथा प्रत्येक मरीज तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित औषधियाँ उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में डॉ. पूरणमल मीणा, डिप्टी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला खैरथल-तिजारा ने भी संबोधित किया। उन्होंने Standard Treatment Guidelines (STGs) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं Rational Use of Medicines, वर्तमान मौसमी बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया के उपचार में प्रयुक्त औषधियों की उपलब्धता एवं उचित रखरखाव पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने Antimicrobial/Antibiotic Resistance की बढ़ती चुनौती पर चिंता व्यक्त करते हुए एंटीबायोटिक दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग, Standard Treatment Guidelines के पालन तथा अनावश्यक एवं अवैज्ञानिक एंटीबायोटिक उपयोग से बचने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न राजकीय स्वास्थ्य संस्थानों से आए सरकारी फार्मासिस्टों ने नवनियुक्त सहायक औषधि नियंत्रक नरोत्तम देव बारोठिया का माल्यार्पण एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर उपस्थित फार्मासिस्टों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं व्यवहारिक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

