लोहार्गल धाम में सोमवती अमावस्या पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने सूर्यकुंड में लगाई आस्था की डुबकी
मन्नत के नारियल बांधकर सुख-समृद्धि की कामना की, मंदिरों में रही भारी भीड़; सेवा संगठनों ने पिलाई ठंडाई
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव) निकटवर्ती सुप्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल लोहार्गल धाम में सोमवार को सोमवती अमावस्या के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पुरुषोत्तम मास के इस पवित्र संयोग पर लाखों श्रद्धालुओं ने सूर्यकुंड में आस्था की डुबकी लगाई और भगवान सूर्यनारायण के दर्शन कर देश व परिवार में सुख-समृद्धि की मन्नत मांगी। अमावस्या को लेकर रविवार प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो सोमवार देर शाम तक अनवरत जारी रहा।
विशेष दोष निवारण पूजाएं हुईं: श्रीमद् जगतगुरु रामानुजाचार्य लोहार्गल सूर्य मठ मंदिर के पीठाधीश्वर महंत स्वामी अवधेशाचार्य महाराज ने बताया कि इस पावन पर्व पर दो दिवसीय विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। सूर्यकुंड में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्यनारायण को नारियल बांधकर अपनी मनोकामनाएं दोहराईं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोगों ने अपने पितरों की आत्मशांति के लिए तर्पण किया तथा पितृ दोष, कालसर्प दोष व मांगलिक दोष निवारण के लिए विशेष पूजा-अर्चना की।
वेंकटेश बालाजी मंदिर में सजी फूल बंगला झांकी: तीर्थ क्षेत्र के सभी प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। वेंकटेश बालाजी मंदिर के अश्वनी आचार्य महाराज ने बताया कि सोमवती अमावस्या के उपलक्ष्य में ठाकुर जी के दरबार में भव्य 'फूल बंगला झांकी' सजाई गई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। यहाँ बड़ी संख्या में भक्तों ने शीश नवाकर धोक लगाई और अश्वनी आचार्य महाराज से आशीर्वाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में खुले दिल से दान-पुण्य भी किया।
जगह-जगह दिखे सेवा के हाथ, प्रशासन रहा मुस्तैद: इस धार्मिक उत्सव के दौरान क्षेत्र में सामाजिक सरोकार की अद्भुत मिसाल देखने को मिली। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों द्वारा रास्ते में जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए, जहाँ राहगीरों और श्रद्धालुओं को शीतल जल, ठंडाई और शरबत पिलाकर गर्मी से राहत पहुंचाई गई। मेले के दौरान उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात की माकूल व्यवस्थाएं की गईं, जिससे संपूर्ण आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।


