नीट यूजी (री-एग्जाम)-2026 की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित 21 जून को जिले के 17 परीक्षा केन्द्रों पर 4072 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए), नई दिल्ली द्वारा आयोजित नीट (यूजी) 2026 पुनः परीक्षा (री-एग्जाम) के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संचालन को लेकर सोमवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा से जुड़े विभागीय अधिकारियों, केन्द्राधीक्षकों एवं समन्वय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
उन्होंने बताया कि 21 जून 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक एक पारी में आयोजित होने वाली नीट (यूजी) पुनः परीक्षा के लिए जिले में 17 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जहां 4072 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रातः 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके पश्चात किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता, निष्पक्षता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी केन्द्राधीक्षकों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने तथा परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए दो स्तरीय फ्रिस्किंग व्यवस्था लागू रहेगी। प्रथम स्तर पर राजस्थान पुलिस के दस कर्मियों की टीम द्वारा जांच की जाएगी, जबकि द्वितीय स्तर की जांच एनटीए द्वारा नियुक्त एजेंसी के माध्यम से होगी। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर एक-एक राजपत्रित अधिकारी को वीक्षक के रूप में नियुक्त किया जाएगा तथा उड़नदस्ता दल लगातार निगरानी रखेगा।
उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए बताया कि 240 से कम अभ्यर्थियों वाले केन्द्रों पर एक पुलिस निरीक्षक, एक महिला आरक्षी एवं दो पुरुष आरक्षी तथा 240 से अधिक अभ्यर्थियों वाले केन्द्रों पर एक पुलिस निरीक्षक, दो महिला आरक्षी एवं चार पुरुष आरक्षियों की तैनाती की जाएगी। परीक्षा दिवस पर केन्द्रों के आसपास भीड़ नियंत्रण एवं यातायात प्रबंधन के लिए भी विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
श्री शर्मा ने बताया कि प्रश्नपत्रों के वितरण एवं संग्रहण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रश्नपत्र बैंक से निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त कर सुरक्षित रूप से परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचाए जाएंगे तथा परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिकाओं एवं अन्य सामग्री का सुरक्षित संकलन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक केन्द्र पर आवश्यक सुरक्षा गार्ड एवं सहायक कार्मिक तैनात रहेंगे। साथ ही सभी 17 परीक्षा केन्द्रों पर एक-एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएंगे।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा केन्द्रों पर पेयजल, स्वच्छ शौचालय, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, सीसीटीवी कैमरे, जैमर एवं बायोमैट्रिक उपकरणों की कार्यशीलता पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाए। गर्मी के मौसम को देखते हुए अभ्यर्थियों के लिए पर्याप्त पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि परीक्षा केन्द्रों पर संस्थान के नियमित कार्मिकों के अतिरिक्त किसी अन्य कर्मचारी की नियुक्ति केवल सक्षम अधिकारी की अनुमति से ही की जाएगी। बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति अथवा कार्मिक को परीक्षा केन्द्र परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्रों पर वीडियोग्राफी, जनरेटर एवं वाहनों की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए व्हीलचेयर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर समाज कल्याण विभाग से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
भरतपुर मुख्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए गृह मंत्रालय के निर्देशों की अनुपालना की जाए एवं परीक्षा केन्द्रों पर मोबाइल फोन लाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। किसी कार्मिक के पास मोबाइल मिलने पर उसकी जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच प्रक्रिया को सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त कार्मिक तैनात किए जाएंगे, जिससे अभ्यर्थियों की गहन जांच में सुविधा होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी अभ्यर्थी अथवा कार्मिक को परीक्षा केन्द्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा संदिग्धों एवं अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाही की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र गोपालिया ने परीक्षा संचालन से संबंधित तैयारियों की जानकारी देते हुए सभी विभागीय अधिकारियों से समन्वय एवं सतर्कता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।


