जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, कम लागत में अधिक उत्पादन और मिट्टी संरक्षण पर कृषि वैज्ञानिकों ने किया जागरूक
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय)। जिले में प्राकृतिक खेती को बढावा देने की दिशा में युवा किसानों एवं विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा महात्मा गांधी वटेनरी कॉलेज ओडिटोरियम में मंगलवार को एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें 500 युवाओं एवं विद्यार्थियों को विशेषज्ञों द्वारा प्राकृतिक खेती की नवीन तकनीकों और इसके बहुआयामी लाभों की जानकारी दी गई।
सेमीनार में जिला अध्यक्ष षिवानी दायमा मुख्य अतिथि के रूप में तथा गिरधारी तिवारी, सत्येन्द्र गोयल, मनोज भारद्वाज विषिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिरिक्त निदेषक कृषि (तिलहन) देषराज सिंह के द्वारा प्राकृतिक खेती की आवष्यकता एवं महत्व के बारे में जानकारी दी गई। संयुक्त निदेषक कृषि (विस्तार) राधेष्याम मीणा ने प्राकृतिक खेती मिषन एवं कृषि विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। संयुक्त निदेषक उद्यान योगेष शर्मा एवं उपनिदेषक उद्यान जनकराज मीणा ने प्राकृतिक खेती का उद्यान की फसलों में महत्व एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। परियोजना निदेषक आत्मा तुलसी सैनी ने खरीफ फसलों में प्राकृतिक खेती अपनाने के साथ ही प्राकृतिक खेती को किस प्रकार लाभान्वित बनाया जा सकता है, पर चर्चा की।
कृषि विज्ञान केन्द्र कुम्हेर के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. नबावसिंह एवं डॉ. प्रियंका जोषी, सेवानिवृत प्रो. अमरसिंह ने प्राकृतिक खेती पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किये। कार्यशाला के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक खादों के उपयोग, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण एवं प्राकृतिक खेती आधारित तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। किसानों को विभागीय योजनाओं एवं कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई, जिससे वे योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठा सकें। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी कृषि संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। वक्ताओं ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करते हुए प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती पद्धतियों को अपनाने का आव्हान किया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कृषि की लागत में कमी और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके। सेमीनार का मंच संचालन सहायक कृषि अधिकारी (पौध संरक्षण) जगतसिंह, द्वारा किया गया। इस अवसर पर सहायक निदेषक कृषि चरनसिंह, हरबान सिंह, उद्यान अमरसिंह सहित कृषि अधिकारी उपस्थित रहे।


