आचार्य ज्ञान भूषण जी महाराज का लक्ष्मणगढ़ में मंगल प्रवेश, 22 जून से शुरू होगा भव्य पंचकल्याणक महोत्सव
आज सुबह लिटिल एंजेल स्कूल से आदिनाथ जैन मंदिर के लिए निकलेगा भव्य जुलूस; पद प्रक्षालन के लिए कस्बे में सजे स्वागत द्वार।
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) दिगंबर जैन संत आचार्य श्री ज्ञान भूषण जी मुनिराज (रत्नाकर) का ससंघ मंगल प्रवेश बुधवार को लक्ष्मणगढ़ की सीमा में हुआ। जालूकी रोड स्थित लिटिल एंजेल स्कूल में सकल जैन समाज के श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे और गगनभेदी जयकारों के साथ मुनि श्री की भव्य अगवानी की। मुनि श्री के आगमन और आगामी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
बुधवार को विद्यालय परिसर में मुनि संघ के रात्रि विश्राम के बाद, 18 जून को प्रातः 5:30 बजे से भव्य मंगल प्रवेश जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस लिटिल एंजेल स्कूल से शुरू होकर भगत सिंह सर्किल, खंडेलवाल धर्मशाला और पुरानी सब्जी मंडी होते हुए आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचेगा। बैंड-बाजे के साथ निकलने वाले इस जुलूस के दौरान मुनि श्री के पद प्रक्षालन के लिए कस्बे में जगह-जगह भव्य स्वागत द्वार सजाए गए हैं। इस धार्मिक आयोजन में जैन समाज सहित कस्बे के विभिन्न व्यापारिक संगठन, महिला-पुरुष और नवयुवक बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि मुनि श्री के पावन सानिध्य और प्रेरणा से ही इस दिगंबर जैन मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण संपन्न हुआ था।
- बिजली घर के सामने खंडेलवाल संस्थान में सजेगा पंडाल
प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार जैन 'अगोनिज' ने बताया कि मुनि श्री के सानिध्य में आयोजित होने वाला पांच दिवसीय 'पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव' आगामी 22 जून से 26 जून तक जालूकी रोड बिजली घर के सामने स्थित खंडेलवाल शिक्षण संस्थान में आयोजित किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन जैन धर्म के विभिन्न कल्याणक मनाए जाएंगे, जिनकी तिथियां इस प्रकार तय की गई हैं:
- 22 जून (सोमवार): गर्भ कल्याणक महोत्सव से शुरुआत
- 23 जून (मंगलवार): जन्म कल्याणक महोत्सव एवं भव्य जुलूस
- 24 जून (बुधवार): तप कल्याणक अनुष्ठान
- 25 जून (गुरुवार): केवलज्ञान कल्याणक महोत्सव
- 26 जून (शुक्रवार): मोक्ष कल्याणक महोत्सव एवं महाआरती के साथ पूर्णाहूति
इस भव्य धार्मिक उत्सव को सफल और ऐतिहासिक बनाने के लिए सकल जैन समाज और विभिन्न कमेटियां दिन-रात व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं।


