भरतपुर के बांसीखुर्द में योजनाओं की गंगा; पट्टा मिलने से खुले बैंक लोन और आर्थिक सशक्तिकरण के रास्ते
भरतपुर (कोश्लेंद्र दत्तात्रेय)19 जून। राज्य सरकार के निर्देशानुसार आमजन को राहत देने के लिए संचालित 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' के तहत शुक्रवार को सेवर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बांसीखुर्द में एक वृहद शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया। शिविर में मौजूद विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों ने न केवल योजनाओं की जानकारियां दीं, बल्कि मौके पर ही पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कर राहत पहुंचाई।
पट्टा मिलते ही सुनिश्चित हुई मकान की कानूनी पहचान
शिविर के दौरान पंचायती राज विभाग की 'स्वामित्व योजना' ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुई। बांसीखुर्द निवासी कृषक विजयसिंह को जब मौके पर ही उनके मकान का पट्टा सौंपा गया, तो उनके चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। विजयसिंह ने बताया कि पूर्व में पट्टा (दस्तावेज) न होने के कारण वे कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते थे। लेकिन अब पट्टा मिलने से उनके मकान की कानूनी पहचान सुनिश्चित हो गई है। इससे भविष्य में बैंक से ऋण (लोन) लेने और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने में बेहद आसानी होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं सीधे तौर पर आमजन को संबल दे रही हैं।
दस्तावेजी कठिनाइयों से मिली मुक्ति, आर्थिक सशक्तिकरण को मिली नई दिशा
इसी तरह बांसीखुर्द के ही एक अन्य कृषक हरेन्द्र ने पट्टा मिलने पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "स्वामित्व योजना के तहत पट्टा मिलने से मेरे परिवार को बहुत बड़ी राहत मिली है। पहले बैंक से लोन लेने या संपत्ति से जुड़े अन्य कार्यों में हमें भारी दस्तावेजी और कानूनी पेचीदगियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह पट्टा हमारे सारे काम सुगम कर देगा।" हरेन्द्र ने सरकार की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि गांव के भीतर ही शिविर लगाकर प्रशासन द्वारा हाथ के हाथ लाभ देना एक बेहतरीन कदम है।
सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का जरिया बने शिविर
बांसीखुर्द में आयोजित इस ग्रामीण सेवा शिविर में विभिन्न विभागों ने न केवल पट्टों का वितरण किया, बल्कि अन्य पेंडिंग मामलों का भी मौके पर निस्तारण किया। स्वामित्व योजना के तहत पट्टा मिलने से जहां ग्रामीणों को अपनी अचल संपत्ति पर वैधानिक और मालिकाना हक मिला है, वहीं इससे उनके सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण को एक नई दिशा मिली है। राहत मिलने पर लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं भरतपुर जिला प्रशासन का सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया।


