'तकनीकी अड़चन दूर, बुजुर्ग के चेहरे पर लौटी मुस्कान': ग्रामीण सेवा शिविर में अंगूरी देवी का वर्षों पुराना पेंशन सत्यापन हुआ पूरा
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)19 जून। राज्य सरकार के मंशानुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए आयोजित किए जा रहे 'ग्रामीण सेवा शिविर' बुजुर्गों और असहाय लोगों के लिए बड़े मददगार साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में उपखंड नदबई की ग्राम पंचायत ऊंच में आयोजित विशेष शिविर में प्रशासन की संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण सामने आया, जहां एक बुजुर्ग महिला की वर्षों पुरानी पेंशन संबंधी समस्या का मौके पर ही समाधान कर उन्हें बड़ी राहत दी गई।
बायोमेट्रिक मिसमैच के कारण अटक रहा था सत्यापन
जानकारी के अनुसार, ग्राम ऊंच की निवासी अंगूरी देवी पत्नी प्रभुदयाल पंडित पिछले काफी समय से अपनी वृद्धावस्था पेंशन के वार्षिक भौतिक सत्यापन को लेकर परेशान थीं। बढ़ती उम्र और शारीरिक बदलावों के कारण मशीनों द्वारा उनकी आंखों के स्कैन और हाथों के फिंगरप्रिंट का मिलान स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। इस तकनीकी अड़चन की वजह से उनका पेंशन सत्यापन बार-बार अटक जाता था और उन्हें नियमित पेंशन का लाभ मिलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।
अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाकर निकाला वैकल्पिक रास्ता
जब अंगूरी देवी को गांव में ही आयोजित हो रहे ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी मिली, तो वे अपने परिजनों के साथ वहां पहुंचीं और अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखी। मामले की गंभीरता और बुजुर्ग महिला की स्थिति को देखते हुए शिविर में मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने अंगूरी देवी के आवश्यक दस्तावेजों की गहनता से जांच की और तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए नियमों के तहत वैकल्पिक प्रक्रिया (Alternative Verification Process) अपनाई। इसके माध्यम से मौके पर ही उनका पेंशन सत्यापन सफलतापूर्वक पूर्ण कर दिया गया।
मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का जताया आभार
सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होते ही अंगूरी देवी की वर्षों पुरानी बड़ी समस्या चुटकियों में हल हो गई और उनके खाते में नियमित पेंशन आने का रास्ता साफ हो गया। इस बड़ी राहत से बुजुर्ग महिला और उनके परिजनों के चेहरे खिल उठे। लाभार्थी अंगूरी देवी ने इस सराहनीय और मानवीय प्रयास के लिए मुख्यमंत्री और भरतपुर जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि गांव के भीतर ही शिविर लगाकर समस्याओं का इस तरह तुरंत समाधान करना सरकार की बेहद कल्याणकारी सोच को दर्शाता है।


