बिना ड्राफ्ट यूसीसी पर जनसुनवाई जनता के साथ छलावा, मूल मुद्दों से ध्यान भटका रही सरकार: रामलाल जाट
जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा (देहात) करेगी इस 'दिखावटी जनसुनवाई' का पूर्ण बहिष्कार
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) राजस्थान सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) के नाम पर बिना किसी आधिकारिक प्रारूप (ड्राफ्ट) को सार्वजनिक किए जनसुनवाई आयोजित करने के तुगलकी फैसले का जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा (देहात) ने कड़ा विरोध किया है। पूर्व मंत्री एवं देहात जिला अध्यक्ष रामलाल जाट ने इसे लोकतंत्र का मज़ाक बताते हुए कहा कि सरकार बिना दूल्हे की बारात निकालने जैसा काम कर रही है। जब जनता के सामने कोई मसौदा ही नहीं है, तो राय किस बात पर ली जा रही है?
देहात जिला अध्यक्ष रामलाल जाट ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह जनसुनवाई सिर्फ और सिर्फ प्रदेश की जनता की वास्तविक और ज्वलंत समस्याओं से ध्यान भटकाने का एक राजनीतिक स्टंट है। आज राजस्थान का हर वर्ग त्रस्त है:
- किसान और ग्रामीण: बिजली संकट, महंगे यूरिया-डीएपी और फसलों के सही दाम न मिलने से बेहाल हैं।
- आम जनता: भीषण पेयजल संकट, अघोषित बिजली कटौती और कमरतोड़ महंगाई से जूझ रही है।
- युवा और महिलाएं: पेपर लीक, बेरोजगारी और बदहाल कानून-व्यवस्था के कारण असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
"सरकार को अगर जनसुनवाई करनी ही है, तो किसानों की कर्जमाफी, युवाओं के रोजगार, ग्रामीण क्षेत्रों में पानी-बिजली के संकट और बदहाल सड़कों पर करे। इन बुनियादी मुद्दों को छोड़कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले विषयों पर बिना किसी कानूनी मसौदे के चर्चा करवाना केवल प्रशासनिक समय और संसाधनों की बर्बादी है।"
पारदर्शिता के बिना लोकतंत्र अधूरा
रामलाल जाट ने स्पष्ट किया कि जब तक यूसीसी का पूरा ड्राफ्ट सार्वजनिक नहीं किया जाता और समाज के हर वर्ग को उसके प्रावधानों को समझने का मौका नहीं मिलता, तब तक ऐसी किसी भी कवायद का कोई कानूनी या लोकतांत्रिक महत्व नहीं है। राय हमेशा स्पष्ट मसौदे पर ली जाती है, बंद लिफाफे पर नहीं।
कांग्रेस की चेतावनी: मांग पूरी न होने पर पूर्ण बहिष्कार
जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा (देहात) सरकार से मांग करती है कि इस औपचारिकता मात्र और भ्रम फैलाने वाली जनसुनवाई के आदेश को तुरंत वापस लिया जाए। रामलाल जाट ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिना ड्राफ्ट सार्वजनिक किए इस जनसुनवाई को जबरन थोपने का प्रयास किया, तो कांग्रेस पार्टी इसका पूर्ण बहिष्कार करेगी और ग्रामीणों व किसानों के हक में सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगी।


