उदयपुरवाटी में बेसहारा सांड की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, प्रशासन के खिलाफ आक्रोश; नपा पर लापरवाही के आरोप
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव) शहर के सीकर स्टेट हाईवे पर नांगल नदी के पास गुरुवार को दो लड़ते हुए सांडों की चपेट में आने से एक 24 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय कस्बावासियों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है।
- सीकर अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, किरोड़ी कुंड निवासी कमलेश सैनी (24) पुत्र शिशुपाल सैनी गुरुवार को अपनी बाइक पर सवार होकर आवश्यक सामान लेने उदयपुरवाटी आ रहा था। नांगल नदी के समीप रास्ते में दो सांड आपस में लड़ रहे थे। इसी दौरान एक सांड अचानक दौड़ता हुआ आया और उसने कमलेश की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कमलेश सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत सांडों को खदेड़ा और घायल युवक को स्थानीय अस्पताल पहुँचाया, जहाँ गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सीकर रेफर कर दिया गया। सीकर अस्पताल में उपचार के दौरान कमलेश ने दम तोड़ दिया। मामले की जांच कर रहे सहायक उप निरीक्षक जीवन राम ने बताया कि पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
- पहले भी कई लोग गंवा चुके हैं जान, बेअसर साबित हो रही शिकायतें
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में बेसहारा पशुओं के आतंक से यह कोई पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी कई परिवार इन आवारा पशुओं के कारण अपने अपनों को खो चुके हैं:-
- एक साल पहले: नई मंडी से पुरानी मंडी जाने वाले रास्ते पर सांड के हमले में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी।
- अन्य हादसे: पंजाब नेशनल बैंक के पास रहने वाले वासुदेव शर्मा और एक अन्य महिला भी सांड के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्होंने बाद में दम तोड़ दिया था।
बजट उठाने के आरोप, धरातल पर समाधान शून्य
कस्बावासियों का आरोप है कि नगर पालिका में बार-बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा पशुओं को पकड़ने के नाम पर बजट का उठाव (बिल पास) तो कर लिया जाता है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। सड़कों पर घूम रहे ये हिंसक पशु आए दिन राहगीरों और वाहन चालकों के लिए काल साबित हो रहे हैं।


