पर्यावरण संरक्षण: अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति ने किशोरपुरा से की वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत, इस बार 25 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव)। 'पेड़ लगाओ-पर्यावरण बचाओ' अभियान के तहत अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति द्वारा इस वर्ष के मानसून कालीन वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम किशोरपुरा से की गई। अभियान का शुभारंभ नन्हीं कुमारी हेजल और कुमारी सिद्धीका सैनी के कोमल हाथों से अर्जुन, नीम, पीपल, अमरूद और बड़ (बरगद) सहित पांच औषधीय व छायादार पौधे लगाकर किया गया।
अरावली की तलहटी और गांवों पर विशेष फोकस
संस्थान के संयोजक एडवोकेट के.के. सैनी ने बताया कि समिति ने इस बार मानसून सीजन में संपूर्ण उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र में 25,000 पेड़-पौधे लगाने का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस बार विशेष रणनीति के तहत अरावली पर्वत श्रृंखलाओं की तलहटी में बसे गांवों और वहां के निवासियों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है, ताकि पहाड़ी क्षेत्रों में हरियाली का दायरा बढ़ाया जा सके। इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए विधानसभा क्षेत्र के तमाम गांवों और शहरी वार्डों में गठित संस्थान की ग्राम व वार्ड इकाइयों का सक्रिय सहयोग लिया जाएगा।
अभियान की रूपरेखा और लक्ष्य:
- कुल लक्ष्य: संपूर्ण उदयपुरवाटी क्षेत्र में 25,000 पौधे लगाए जाएंगे।
- ग्राम इकाइयों का टारगेट: प्रत्येक गांव इकाई को न्यूनतम 500 पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।
- वार्ड इकाइयों का टारगेट: शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड में 100 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।
- उद्देश्य: बड़े पैमाने पर किए जा रहे इस पौधारोपण से क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा और पारिस्थितिक संतुलन को और अधिक मजबूती मिलेगी।
एडवोकेट के.के. सैनी, संयोजक, अरावली चेतना संस्थान सेवा समिति ने बताया कि - "अरावली क्षेत्र में हरियाली बढ़ाना और प्रकृति का संतुलन बनाए रखना हमारा मुख्य ध्येय है। इस बार आमजन और हमारी स्थानीय कमेटियों के सहयोग से न केवल 25 हजार पौधे लगाए जाएंगे, बल्कि उनके जीवित रहने और संरक्षण की पूरी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।"
किशोरपुरा में आयोजित इस शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान संस्थान के सचिव सांवर मल खटाना, हर्षा राम, किशोर कुमार (के.के.) सैनी किशोरपुरा, अर्जुन लाल, अमित, प्रभाती लाल, मोहरू और भुवनेश सहित कई पर्यावरण प्रेमी, प्रबुद्ध नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे। समिति के इस अनूठे प्रयास की ग्रामीणों ने सराहना की और पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया।


