किराए में राहत का इंतजार: रूट चार्ट में शामिल होने के बावजूद गुरला - कारोई मार्ग पर नहीं दौड़ रही ई-बस; छात्र और मजदूर वर्ग मायूस
भीलवाड़ा, (सत्यनारायण सेन) भीलवाड़ा शहर और इसके ग्रामीण अंचलों को प्रदूषण मुक्त व किफायती परिवहन सेवा से जोड़ने के प्रशासनिक दावे फिलहाल धरातल पर हवा होते नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने शहर के लिए ई-बस सेवा का रूट चार्ट तो फाइनल कर दिया है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण रूटों को अब भी बसों का इंतजार है। खासकर गुरलां और कारोई क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों व ग्रामीणों ने सलेक्टेड रूट चार्ट के 'रूट-1' पर ई-बस सेवा को शीघ्र शुरू करने की पुरजोर मांग उठाई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस रूट की घोषणा हुए लंबा समय बीत चुका है। इस मार्ग पर यात्रियों की भारी भीड़ होने और सभी प्रमुख बस स्टैंड शामिल होने के बावजूद ई-बसों का संचालन शुरू नहीं किया गया है, जिससे जनता में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन द्वारा तय किया गया रूट-1 बेहद महत्वपूर्ण और लाइफलाइन की तरह है। इस रूट में निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं:
- कारोई (ज्योतिष नगरी) व गुरलां (भीलवाड़ा का कश्मीर, कालिका माता मंदिर)
- नौगांवा चौराहा (सांवरिया सेठ जी मंदिर मार्ग) व पुर बस स्टैंड (उपनगर)
- रीको (RIICO) औद्योगिक क्षेत्र (टेक्सटाइल हब)
- पांसल चौराहा (आजादनगर, 100 फीट रोड, टेक्सटाइल कॉलेज व आईटीआई)
- गंगापुर चौराहा, अजमेर चौराहा व रोडवेज-प्राइवेट बस स्टैंड
- टंकी के बालाजी (ई-बस स्टैंड डिपो)
किसे होगा सीधा फायदा?
- महिला व वरिष्ठ नागरिक: बसों के अभाव में इन्हें निजी वाहनों में मजबूरीवश अधिक किराया देना पड़ रहा है। ई-बस शुरू होने से इन्हें किराए में सरकारी रियायत का लाभ मिलेगा।
- फैक्ट्री मजदूर व नौकरीपेशा: रीको क्षेत्र के उद्योगों में काम करने वाले हजारों मजदूरों को रोजाना आने-जाने के लिए एक सस्ता, सुलभ और सुरक्षित साधन मिल सकेगा।
- छात्र-छात्राएं: भीलवाड़ा शहर के विभिन्न कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का दैनिक सफर आसान और जेब के अनुकूल हो जाएगा।
कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से गुहार
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर व नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि भीलवाड़ा को आवंटित 50 ई-बसों के बेड़े में से 'रूट-1' को पहली प्राथमिकता दी जाए। जनता की मांग है कि कागजी औपचारिकताओं को जल्द पूरा कर धरातल पर बसों का संचालन तुरंत शुरू किया जाए।


