सफलता की कहानी; मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना बनी पशुपालकों के लिए संकट में संबल, बीमा सहायता से मिली नई उम्मीद
खैरथल (हीरालाल भूरानी) मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना प्रदेश के पशुपालकों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है। योजना के माध्यम से पशुधन की आकस्मिक मृत्यु से होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई कर पशुपालकों को कठिन समय में राहत प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य पशुपालकों की आजीविका को सुरक्षित बनाना तथा पशुपालन व्यवसाय को प्रोत्साहित करना है।
इसी क्रम में ग्रामीण सेवा शिविर बिलाहेड़ी के दौरान ग्राम रामपुर, तहसील कोटकासिम, निवासी पशुपालक उमेश देवी, पत्नी इन्द्रजीत सिंह, ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का लाभ प्राप्त किया। उमेश देवी किसान होने के साथ-साथ भैंस पालन का कार्य करती हैं।
उन्होंने बताया कि उनके परिवार की आय का प्रमुख स्रोत भैंस पालन था। एक भैंस की असमय मृत्यु होने से परिवार को बड़ा आर्थिक झटका लगा। ग्रामीण सेवा शिविर में अधिकारियों की सहायता से उन्होंने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत अपनी भैंस का बीमा कराया था तथा आवश्यक दस्तावेज एवं प्रक्रिया समय पर पूर्ण की थी।
योजना के तहत दावा स्वीकृत होने पर उन्हें ₹40,000 की बीमा सहायता राशि प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग से परिवार को संकट की घड़ी में राहत मिली तथा वे पुनः पशुपालन व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सक्षम हुईं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना ने कठिन समय में उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान किया। उन्होंने प्रदेश के सभी पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं का बीमा अवश्य कराएं, ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके।
पशुपालन विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत गाय, भैंस, बकरी, भेड़ एवं ऊंट सहित विभिन्न श्रेणी के पशुओं का निःशुल्क बीमा किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य पशुपालकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना, पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।


