नशा प्रवृत्ति समाज के लिए घातक, जीवन का पहला अपराध ही बदल देता है भविष्य: एसीजेएम
हलैना (विष्णु मित्तल) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भरतपुर एवं तालुका विधिक सेवा समिति नदबई की ओर से गांव हंतरा स्थित चौधरी शिक्षा संस्थान उच्च माध्यमिक विद्यालय पर उपखण्ड स्तरीय विधिक सेवा शिविर नदबई के एसीजेएम इन्द्र प्रकाश सेन के मुख्य आतिथ्य एवं महाराजा सूरजमल टी.टी. कॉलेज के डॉ. समन्दर सिंह, चौधरी कन्या कॉलेज हंतरा के निदेशक विजयपाल सिंह, समाजसेवी तुलसीराम, हरभान सिंह , नरेंद्र मित्तल के विशिष्ट आतिथ्य में लगा। कार्यक्रम अध्यक्षता स्कूल के प्रधानाचार्य छत्तरसिंह चौधरी ने की।जिस शिविर में नशामुक्ति, विधिक साक्षरता, अपराध की रोकथाम, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक,पर्यावरण, किशोर- किशोरी व महिला की सुरक्षा, बाल अपराध की रोकथाम आदि की जानकारियां दी गईं। एसीजेएम इन्द्र प्रकाश सेन ने कहा कि नशा प्रवृत्ति एव जीवन का पहला अपराध ही मानव के भविष्य को घातक है और ये समाज व परिवार में नजरों से गिरा देता है। हमें नशा, अपराध से बचना चाहिए और अपराधी से दूर रहकर कानून की पालना करते हुए मददगार बनना होगा।
उन्होंने कहा कि न्याय विभाग एवं सरकार ने बाल, किशोरी, युवा, महिला एवं कमजोर वर्ग आदि की मदद को राज्य, जिला एवं उपखण्ड स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरण और समितियां गठित कर रखी हैं,जो युवा, दलित, आर्थिक हालत से कमजोर, महिला आदि की कानूनी मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा उपखण्ड क्षेत्र के सभी राजकीय , मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज पर कोर्ट वाली दीदी सुझाव पेटी स्थापित की जाएगी, जिसका शुभारम्भ गांव हंतरा से किया गया।
एसीजेएम नदबई के निजी सचिव दीपक गुप्ता ने बताया कि प्राधिकरण एवं समिति के द्वारा ग्रामीण अंचल में विधिक सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। गांव हंतरा के शिविर में राजकीय व निजी स्कूल के छात्र-छात्रा, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य व्यक्ति, महिला आदि ने भाग लिया। इस अवसर पर एसीजेएम कोर्ट के लिपिक अंकुर शर्मा, प्रोसेस सर्वर गिरीश शर्मा, चेतराम भगत, धनवीर सिंह, रामकिसन, विष्णू मित्तल, मूलचंद, मदन मोहन शर्मा, नरेन्द्र मित्तल आदि मौजूद रहे।
क्या है कोर्ट वाली दीदी
एसीजेएम इन्द्र प्रकाश सेन ने कोर्ट वाली दीदी की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि बालिका, किशोरी एवं महिला की आत्मसुरक्षा, समस्या और समस्या के समाधान सहित गांव व घर के आसपास होने वाले अवैध कारोबार की सूचना आदि के उद्देश्य से कोर्ट वाली दीदी पेटी स्थापित की जा रही है। कोई भी निर्भीक होकर इस पेटी में लिखित सूचना दे सकता है। क्योंकि बालिका, किशोरी एवं महिला समाज की लोकलाज और अपराधी के डर से बोल नहीं सकती हैं, जो पत्र के नाम से इस पेटी के द्वारा अपराध और अपराधी को गुप्त रूप से बता सकती हैं।
नशामुक्ति का लिया संकल्प
एसीजेएम इन्द्र प्रकाश सेन ने शिविर में भाग लेने वालों को नशामुक्ति, सोशल मीडिया से बचने के उद्देश्य से संकल्प दिलाया और कहा कि सोशल मीडिया भी अपराध को बढ़ा रहा है, हमें सोशल मीडिया का उपयोग शिक्षा के वास्ते करना चाहिए। ये अच्छा भी है और घातक भी है।


