मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने

सकट. क्षेत्र के सांवलिया धाम करनावर में पांचाल परिवार सकट के तत्वाधान में सांवलियाजी महाराज का रात्रि जागरण कार्यक्रम आयोजन हुआ। इस मौके पर सांवलियाजी महाराज, हनुमान जी गणेश जी व दुर्गा माता का भव्य दरबार सजाया गया। जागरण की शुरुआत आचार्य अतुल भारद्वाज के द्वारा गणपत जी महाराज तुम्हारा क्या कहना,, गणेश वंदना सुनाकर की। भजन संध्या में आने वाले श्रद्धालुओं ने पहले सांवलियाजी महाराज के दरबार में अपनी हाजरी लगाकर मत्था टेक मन्नत मांगी। जागरण में अलवर के गायक कलाकार मोहन यदुवंशी ने गणेश वंदना के बाद श्याम बाबा का भजन मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने सहित हनुमान जी का भजन थारी जय हो पवन कुमार मैं वारी जाऊं बालाजी व रामजी की निकली सवारी रामजी की लीला है न्यारी न्यारी भजन गाकर श्रद्धालुओं को नाचने पर मजबूर कर दिया। वही मथुरा की गायक कलाकार आरती शर्मा ने श्याम बाबा का भजन सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आए हैं, लगे कुटिया दुल्हन सी मेरे सरकार आए हैं,, व माता का भजन लगन मैया से लगा बैठे जो होगा देखा जाएगा भजन की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं से खूब तालियां बजवाई वही भजन संध्या के दौरान अलवर के गायक कलाकार गौरव ब्रजवासी ने बाबा श्याम का भजन कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है थाने भोग लगाना है सहित हनुमान जी का भजन छोटो सो बांदर हद करगो सवामणी का लड्डू सारा चट करगो भजन गाकर समूचे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जागरण के दौरान कलाकारों के द्वारा हनुमान जी, राधा कृष्ण, कृष्ण सुदामा व शिव पार्वती की जीवंत झांकी निकाली गई जो लोगों का आकर्षण का केंद्र रही।भजन संध्या के दौरान कलाकारों द्वारा बीच-बीच में बाबा श्याम के जयकारे लगाए गए। इस दौरान सांवलियाजी महाराज, हनुमान जी व दुर्गा माता का भव्य दरबार सजाया गया। साथ ही सांवलियाजी महाराज को छप्पन भोग की प्रसादी का भोग लगाया गया साथ ही दरबार में अखंड ज्योति प्रज्वलित कर हवन-पूजन किया गया। भजन संध्या का समापन महाआरती के साथ किया गया। इस मौके पर उपस्थित श्रद्धालुओं को सांवलियाजी महाराज व हनुमान जी आदि देवी-देवताओं को भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर मंदिर के महंत श्याम सुंदर जैमन, किशन लाल, कमलेश, मुकेश, विनोद, मनोज, विक्रम, चिराग पांचाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सकट।भजनों की प्रस्तुति देते कलाकार व उपस्थित श्रद्धालु।
- राजेंद्र मीना






