रेनागिरी धाम पर हुआ भंडारे का आयोजन
सोडावास. (मयंक जोशीला) रेनागिरी गिरी धाम पर संत बालकाचार्य के सानिध्य में मंगलवार को भंडारे का आयोजन हुआ। संत ने इस मौके पर श्रद्धालुओं को कहा की गुरु वशिष्ठ ने राम के राज्याभिषेक का मुहूर्त निकाला था, लेकिन दशरथ ने उसे अगले दिन तक टाल दिया। यही टाल मटोल आगे चलकर राम के वनगमन का कारण बनी। संत बालाकाचार्य महाराज ने बताया कि नेक कार्य को तुरंत करना चाहिए टालना नहीं।
श्री राम ने पिता दशरथ के वचनों की मर्यादा के लिए राजपाठ छोड़ वनवास को चुना। राम ने केवल आज्ञा का पालन नहीं किया बल्कि पूरी मर्यादा और नीति का पालन कर मर्यादा पुरुषोत्तम की उपाधि प्राप्त की। गंगा तट पर जब श्री राम ने केवट से गंगा पार करने का अनुरोध किया तो केवट ने भावुक होकर कहा कि मैं आपको पार लगा रहा हूं प्रभु, जब मेरा समय आए तो आप मुझे पार लगा देना।

