स्वामी विवेकानंद बस स्टैंड तखतगढ के बस स्थानक स्थल के ऊपर का छज्जा झर्झर कभी हो सकता है बडा हादसा
तखतगढ ( बरकत खान )
तखतगढ कस्बे में लोगो की सुविधा और यात्री वाहनो के सुगम आवागमन के लिए वर्ष 2002 में तत्कालीन पाली जिला क्षेत्रीय सांसद श्री पुष्प जैन द्वारा सांसद निधि से एवं नगरपालिका तखतगढ की संयुक्त भागीदारी से बनाया गया स्वामी विवेकानंद बस स्टैंड निर्माण के 23 साल बाद ही उचित रख-रखाव के अभाव में झर्झर होता जा रहा है। बस स्टैंड के बस स्थानक स्थल के ऊपर का छज्जा इतना झर्झर हो चुका है कि कभी भी छज्जा गिर सकता है, लेकिन जिम्मेदारो ने आंखे मुंद रखी है, छज्जे के नीचे दिन-भर सैकड़ो यात्री अपने गंतव्य तक जाने के लिए सरकारी बसो का इंतजार करते है। यदि समय रहते मरम्मत नही की गई तो कभी भी बडी जन हानी हो सकती है।
बताया जाता है कि तखतगढ के मुख्य बाजार में पूर्व में एक निजी धर्मशाला में सरकारी बस की टिकट खिडकी थी और मुख्य बाजार से सरकारी व प्राइवेट यात्री वाहन आवागमन करते थे जिससे मुख्य बाजार में ज्यादा भीड भाड रहती थी और आए दिन दुर्घटनाए भी घटित होती रहती थी। साथ पुराने बस स्टैंड के समीप ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व बालिका विधालय होने से वाहनो का शोरगुल भी ज्यादा रहता था, इसी से व्यथित नगर के लोगो की पीड़ा को दूर करने के लिए तत्कालीन सांसद पूष्ष जैन ने सांसद निधि से पालिका प्रशासन को 10 लाख रुपये आंवटन कर स्वामी विवेकानंद बस बनाया था। बस स्टैंड बनने के बाद तत्कालीन नगरपालिका चैयरमैन कंचन जैनम द्वारा वर्ष 2002 में तत्कालीन सांसद पुष्प जैन के कर कमलो से नये बस स्टैंड का उद्धाटन करवा कर आमजन की सुविधार्थ उपलब्ध किया।
उद्धाटन के एक वर्ष बाद ही प्रथम तल पर नगरपालिका कार्यालय भी जवाहर चौक से स्थान्तरित कर नये बस स्टैंड पर संचालित किया जा रहा है जो करीबन 22 साल से नये बस स्टैंड के प्रथम तल चल रहा है।
सांसद निधि व पालिका तखतगढ की संयुक्त भागीदारी से बना यह बस स्टैंड भवन आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। भले पालिका तखतगढ द्वारा करोडो के विकास कार्यो के नाम राशि खर्च करने के आंकड़े हर साल बजट में भले ही दर्शाई जा रही हो लेकिन वास्तविकता कोसो दूर है,आज भी नगर में लोगो की मूलभूत सुविवाओ का टोटा है। बस स्टैंड के समीप ही बनाया सुलभ शौचलय जो कि अधिकांश समय बंद ही रहता है जिससे बाहर से आने वाले लोगो को परेशानियो का सामना करना पडता है।


