सिद्ध श्री शनि मंदिर मुंडेसी पर सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन
वैर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
सिद्ध श्री शनि मंदिर मुंडेसी पर लोक कल्याण के लिए सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। भागवत कथा का आज़ तीसरा दिन है। कथावाचक देवी श्वेतांरा ने नारी शक्ति का वर्णन करते हुए बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति में नारी को बहुत अधिक महत्व दिया गया है। देवी ने उदाहरण स्वरूप बताया कि हमारे शास्त्रों और पुराणों में देवी महत्व को दर्शाते हुए बताया कि हमारी संस्कृति में देवताओं से पहले देवियों को स्मरण किया जाता है, जैसे -- सीताराम, राधेश्याम, लक्ष्मीनारायण तथा उमापति महादेव। भारतीय इतिहास में नारी शक्ति का एकमात्र और अनूठा उदाहरण देवी सावित्री के रूप में याद किया जाता है । देवी सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण बचाने के लिए यमराज को भी मजबूत कर दिया था। यमराज को अंततः देवी सावित्री के सामने नतमस्तक होते हुए सत्यवान के प्राणो को छोड़ना पड़ा। आज़ देश की महामहिम राष्ट्रपति के रूप में द्रोपदी मुर्मू जी विराजमान हैं, यही नारी शक्ति है। भारत पाकिस्तान युद्ध में आपरेशन सिंदूर के ताजा और प्रतिदिन दिए जाने वाले समाचार भी सोफिया कुरैशी तथा व्योमिका सिंह द्वारा बताए जाते थे, यही नारी शक्ति है। सिद्ध श्री शनि मंदिर मुंडेसी के महंत महामंडलेश्वर विजयानंद जी महाराज ने कथा के अंत में बताया कि शास्त्रों में भागवत कथा और सत्संग सुनने का बहुत महात्म्य बताया गया है। ऐसे अवसर पर कथा सुनने का अवसर किस्मत वाले और पुण्यात्माओं को ही मिलता है। बड़े भाग्यशाली होते हैं वो लोग जो भागवत कथा और सत्संग सुनने का अवसर प्राप्त होता है। विजयनंद जी महाराज ने बताया कि इस सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन विश्व कल्याण की भावना से किया जा रहा है। विश्व में शांति स्थापित हो, सब प्राणी सुखी रहें, प्राणियों में सद्भावना बनी रहे और सभी लोग सुख और शांति से रहते हुए खुशहाल स्वस्थ और निरोगी जीवन व्यतीत करें।
इस अवसर पर महंत नानक गिरि जी, योगेश कुमार शर्मा संयुक्त निदेशक कृषि विभाग भरतपुर, निरंजन जी, देवकी जी, द्वारिका जी, एस के चौधरी , हरिकेश इत्यादि उपस्थित रहे।