माता जानकी की मुंह दिखाई की रस्म अदा की गई
राजगढ़ (अलवर) अनिल गुप्ता
कस्बे के चौपड़ बाजार में स्थित भगवान जगन्नाथ महाराज के मंदिर पर माता जानकी की मुंह दिखाई की रस्म अदा की गई। गौरतलब रहे कि यह परंपरा एक अनोखी परंपरा है जहां महाप्रभु भगवान श्री जगन्नाथ और माता जानकी का विवाह रस्म अदा किया जाता है आषाढ़ शुक्ल षष्ठी तिथि को भगवान जगन्नाथ का माता जानकी के साथ पाणिग्रहण संस्कार होता है जानू के द्वारा माता जानकी को कन्यादान अर्पण किया जाता है मंगल गीतों के द्वारा माता जानकी और भगवान जगन्नाथ को रिझाया जाता है
आषाढ़ शुक्ला दोज को महाप्रभु की पावन पवित्र रथ यात्रा होती है रथ यात्रा के समापन होने पर जब भगवान जगन्नाथ के साथ माता जानकी पुनः श्री मंदिर पहुंचती है तो माता के अपने ससुराल आने पर मुंह दिखाई की रस्म निभाई निभाई जाती है और भक्त महिलाओं के द्वारा श्रद्धालु गणों के द्वारा माता जानकी की पूजा अर्चना की जाती है उन्हें भेंट अर्पण की जाती है तथा उन्हें चावल बूरे का भोग लगाया जाता है
माता जानकी की मुंह दिखाई की रस्म होने से पहले मंदिर के महंत के द्वारा वैदिक मंत्र उच्चारण से माता जानकी का पूजन किया गया पूजन करने का उपरांत माता जानकी को चावल बूरे का भोग लगाया गया तथा प्रसाद सभी भक्तों में वितरित किया गया।
श्रद्धालु महिलाओं के द्वारा मंगल गीत गाकर के माता को मंत्र मुग्ध किया पूरा मंदिर जय जानकी मैया जय जगदीश हरे से गुंजायमान हो गया घंटे घड़ियालों की मधुर ध्वनि से जय माता जानकी की मुंह दिखाई की रस्म अदा की गई ।
इस अवसर पर मंदिर के महंत सहित सैकड़ों क्षृद्वालु महिला पुरुष मौजूद थे।


