खैरथल-किशनगढ़बास मार्ग पर यात्रियों को करना पड़ रहा है जोखिम भरा सफर, शटल बस सेवा ठप्प

Jul 7, 2025 - 11:30
 0
खैरथल-किशनगढ़बास मार्ग पर यात्रियों को करना पड़ रहा है जोखिम भरा सफर, शटल बस सेवा ठप्प

खैरथल (हीरालाल भूरानी) खैरथल और किशनगढ़बास के बीच शटल बस सेवा नहीं। यात्रियों को मजबूरी में ओवरलोड टेंपो में जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। रोडवेज बस भी स्टाफ की कमी से बंद।
राजस्थान के नवनिर्मित खैरथल -तिजारा जिले में प्रशासनिक लापरवाही के चलते आम जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। मामला खैरथल और किशनगढ़बास मार्ग का है, जहां सालों से चल रही रोडवेज बस सेवा बंद कर दी गई है। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर ओवरलोड टेंपो में सफर करना पड़ रहा है।

ताज्जुब की बात यह है कि एक ओर खैरथल अब जिला मुख्यालय है, जहां जिला कलेक्टर, एसपी, एडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी समेत तमाम बड़े अधिकारी बैठते हैं। वहीं दूसरी ओर किशनगढ़बास उपखंड मुख्यालय है, जहां एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहते हैं। बावजूद इसके दो शहरों के बीच महज 10 किलोमीटर की दूरी के लिए एक भी शटल बस सेवा नहीं चल रही।

  • औद्योगिक क्षेत्र और अनाज मंडी में भीड़, लेकिन बस सेवा नहीं

खैरथल की अनाज मंडी देशभर में प्रसिद्ध है। यहां से हर दिन अनाज का भारी व्यापार होता है। इसके अलावा खैरथल औद्योगिक क्षेत्र में सैकड़ों कंपनियां संचालित हो रही हैं, जिनमें हजारों मजदूर और कर्मचारी रोजाना किशनगढ़बास और आसपास के गांवों से काम पर आते-जाते हैं।

सिर्फ मजदूर ही नहीं, सरकारी कार्य, मेडिकल इलाज, बैंक, कोर्ट, तहसील और अन्य कामों के लिए भी सैकड़ों लोग हर दिन इस मार्ग पर सफर करते हैं। लेकिन आज हालत ये है कि लोग मजबूरी में ओवरलोड टेंपो में सफर करने को विवश हैं।

  • ओवरलोड टेंपो में लटककर सफर, हादसों का खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर चलने वाले टेंपो क्षमता से कहीं अधिक सवारियां भरते हैं। कई बार तो टेंपो के अंदर-बाहर लटककर सफर करना पड़ता है। यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर मनमानी तरीके से ओवरलोडिंग की जा रही है।

बीते कुछ वर्षों में इस मार्ग पर ओवरलोड टेंपो के कारण कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। लेकिन ना तो प्रशासन जागा, ना ही जनप्रतिनिधियों ने कोई पहल की।

  • डिपो प्रबंधक ने मानी स्टाफ की कमी

तिजारा डिपो प्रबंधक पवन कटारा से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि "फिलहाल खैरथल-किशनगढ़बास रूट पर कोई शटल बस सेवा नहीं चल रही। पहले इस रूट पर एक रोडवेज बस सुबह से दोपहर 12 बजे तक 2-3 चक्कर लगाती थी, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण यह सेवा पिछले 3 महीने से बंद है। जैसे ही स्टाफ की व्यवस्था होगी, बस सेवा फिर शुरू कर दी जाएगी।"

  • जनता की मांग - तुरंत बस सेवा बहाल हो

स्थानीय नागरिक सुनील यादव, रामनिवास सैनी, राजेश गुर्जर, नरेश मीणा आदि ने बताया कि "हर दिन हजारों लोग खैरथल किशनगढ़बास के बीच आते-जाते हैं। जिला मुख्यालय बनने के बाद तो काम और बढ़ गए हैं। लेकिन बस सेवा नहीं होने से लोग जोखिम उठाकर सफर कर रहे हैं। ओवरलोड टेंपो में बैठने को मजबूर हैं। कई बार हादसे होते हैं। सरकार और प्रशासन को इस रूट पर तुरंत बस सेवा शुरू करनी चाहिए।"

  • जनप्रतिनिधि भी कर रहे अनदेखी

अफसोसजनक यह है कि इस समस्या को लेकर कोई भी विधायक, सांसद या जनप्रतिनिधि आगे नहीं आ रहा। चुनावी दौर में जो नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, वे अब जनता की परेशानियों पर चुप्पी साधे हुए हैं।

  • सरकारी दावे खोखले

सरकार भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन सुविधा देने के दावे करती हो, लेकिन खैरथल-किशनगढ़बास मार्ग पर हकीकत इसके उलट है। अगर जल्द ही बस सेवा बहाल नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

  • लोगों की सीधी मांग - रोडवेज शटल बस जल्द शुरू करो

इस रूट पर लोगों की मांग है कि कम से कम दिन में हर घंटे पर शटल बस चलाई जाए। ताकि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी GEXPRESSNEWS54@GMAIL.COM या वाट्सएप न 8094612000 पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................