अतिक्रमण की बाढ में सूखे रह रह रहे है बांध, जिम्मेदार मौन
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) राज्य सरकार बारिश से पहले करोडों रुपए फूंक कर बाढ नियंत्रण कक्ष स्थापित करती है ।लेकिन बांधों के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमणों को लेकर अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। लक्ष्मणगढ़ सहित क्षेत्र के बांध में आने वाले बारिश के पानी को अतिक्रमणकारियों से रुका हुआ है। इस बार भी बांधो के कंठ सुखे रह रहे हैं।
जिले में इस बार मानसून के पहले दौर में पूरे अलवर जिले में झमाझम बारिश का दौर चल रहा है। लेकिन बारिश के इस पानी को बांधों तक पहुंचने से पहले ही नदियों और बांधों के बहाव क्षेत्र को जल संसाधन विभाग प्रशासन की सरपरस्ती में किए गए अतिक्रमणों की दीवार पी गई ।हालात ऐसे बन गए हैं कि बांधों में एक बूंद भी पानी नहीं पहुंच रहा है। हमेशा की तरह इन बांधों के कंठ सूखे के सूखे ही रह रहे है। बहाव क्षेत्रों में अतिक्रमण,अवैध निर्माण से स्थिति ऐसी हो रही है कि क्षेत्र के बांधों की प्यास बुझाने वाली घाट केनाल से बांध में आने वाले बारिश के पानी को हमेशा की तरह अतिक्रमणों की दीवार पी गई। और बांध का कंठ सूखा ही रह रहा है।या दूसरी ओर जल संसाधन विभाग हर बार मानसून से पहले जिले मे करोडों रुपए फूंक कर बाढ नियंत्रण कक्ष स्थापित करता है। लेकिन बांधों और नदियों के बहाव क्षेत्र मे किए गए अतिक्रमणों को हटाने के लिए लेकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन से कोई समन्व्य स्थापित नहीं करता है। जिसका नुकसान क्षेत्र के कृषको को उठाना पड़ रहा है। बांध क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को लेकर शिकायत जागरूक नागरिकों द्वारा मुख्यमंत्री राज्य सरकार से की है।