श्वानों के हमले से घायल हिरण को रेस्क्यू कर पहूंचाया वन्यजीव संरक्षण संस्थान
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) धोरीमन्ना बुधवार दोपहर में हिरणों का एक झुण्ड भीमथल विद्यालय के पास स्थित खेतों में विचरण कर रहा था तब इन्हें घूमते देखकर तीन-चार श्वानों ने इन पर आकस्मिक हमला कर दिया तब सभी हिरण इधर-उधर भागने लगे तो एक मादा हिरण को श्वानों ने अपने चंगुल में लेकर काफी घायल कर दिया।
कामधेनु सेना के जिलाध्यक्ष व स्टेट अवार्डी शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई ने हमें बताया कि विद्यालय समय के बाद मेरे पास पीईईओ भीमथल बीजाराम सुथार का फोन आया कि भीमथल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास स्थित खेतों में श्वानों ने एक मादा हिरण को घायल कर दिया है और खून बहुत ज्यादा बह रहा है तब मैं मोके पर पहूंचा और प्राथमिक उपचार किया लेकिन घाव बहुत ज्यादा होने के कारण इलाज की आवश्यकता महसूस हुई तो मैंने अपने निजी वाहन से मादा हिरण को वहां से रेस्क्यू कर मां अमृता देवी वन्यजीव संरक्षण संस्थान कातरला को सुपुर्द करना उचित समझा क्यों कि वहां वन्यजीवों का उचित इलाज व देखभाल की जाती है और पूर्ण स्वस्थ होने पर वन्यजीवों को खुले क्षेत्र में विचरण के लिए छोड़ दिया जाता है।इस तरह मूक प्राणियों को बचाने में पीईईओ भीमथल सहित हीरो देवी,अमरू देवी,हरीश,खेताराम डऊकिया,निरमा,भावना, रामेश्वरी,गणेश,एलची व रामलाल सेंवर का मुख्य सहयोग रहा।
ग्रामीण खेताराम से बात कि तो उन्होंने बताया कि पाबूबेरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थापित स्टेट अवार्डी शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई के जीवों व गौमाता की सेवा के प्रति समर्पित भाव को देखकर हम भी वन्यजीवों की सेवा व सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।जब भी इस तरह की घटना हमारे घरों के आसपास घटित हो जाती है तो हम गांव वाले तुरंत इनसे संपर्क करते हैं तो शिक्षक विश्नोई तुरंत प्रभाव से मौके पर अपना निजी वाहन लेकर पहूंच जाते हैं यदि स्वयं उपस्थित नहीं है तो किरायेदार रामलाल सेंवर या मुकेश डऊकिया को भेजकर घायल वन्यजीवों व गौमाता को उपचार केन्द्र तक पहूंचा कर इलाज करवाते हैं।तो हमें इनसे प्रेरणा लेकर वन्यजीवों की सेवा व सुरक्षा करनी हैं। प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए धरती पर सभी जीव जन्तुओं को होना बहुत जरूरी है इस कारण हमें प्रकृति की सेवा व सुरक्षा के लिए स्वार्थ से ऊपर उठकर निस्वार्थ भी बनना है। वन्यजीवों और प्रकृति को बचाने में एक दूसरे का सहयोग करना है।

